रेखा, एक अधूरी औरत की कहानी

मुंबई | मनोरंजन डेस्क: बालीवुड की अदाकारा रेखा की कहानी एक अधूरी औरत की कहानी है. अपने जीवन में उन्हें वह सब नहीं मिला सका जो फिल्मी पर्दे पर उन्हें सहज ही हासिल हुआ करता था. जाहिर है कि वास्तविक जीवन तथा फिल्मी पर्दे में फर्क होता है. हालांकि, रेखा ने अपने समय बालीवुड के शिखर पर रहते हुए कई सुपर दिट फिल्मे दी जिन्हें आज भी याद किया जाता है. इसके बावजूद यह सच है कि 60 साल की दलहीज पर पहुंचने के बावजूद भी रेखा अपने जीवन में तन्हा ही रह गई हैं.

रेखा ने अपने फिल्मी सफर की शुरुआत फिल्म ‘सावन-भादों’ से की थी. इस फिल्म में उन्होंने जो पचासी झटके दिये उसके कायल आज भी पुराने जमाने के दर्शक हैं. रेखा के प्यार के किस्से में विनोद मेहरा, अमिताभ बच्चन, संजय दत्त तथा चंकी पांडे तक शामिल हैं. रेखा ने कारोबारी मुकेश अग्रवाल से शादी किया था परन्तु वह कुछ ही महीनों चल सका. बाद में मुकेश अग्रवाल ने रेखा के दुप्पटे में लटक कर जान दे दी थी. रेखा के प्रेम का ‘सिलसिला’ अमिताभ बच्चन के साथ सबसे लंबा चला. जिसकी कसक आज भी रेखा के हाव-भाव से झलकता है.


खबर यह भी उड़ी थी कि रेखा ने विनोद मेहरा से गुपचुप शादी कर ली थी परन्तु रेखा का कहना था कि कहने वाले कुछ भी कह सकते हैं. रेखा ने फिल्मों में कई तरह के किरदारों को सजीव किया था. ज्यादातर फिल्मों मे उन्होंने प्रेमिका की भूमिका की थी तथा इससे उन्हें बाक्स ऑफिस पर सफलता प्रदान की थी. इनमें ‘खूबसूरत’ की चुलबुली रेखा, ‘सुहाग’ फिल्म की नाचने वाली, ‘सिलसिला’ की विवाह के पहले तथा बाद की प्रेमिका शामिल के यादगार किरदार हैं. रेखा ने फिल्म विजेता में मां का किरदार किया था तथा उस फिलम् में उनकी खामोशी ही डॉयलाग से ज्यादा असरदार रहे थे.

जब रेखा ने पहले-पहले फिल्मी दुनिया में कदम रखा था तब शशि कपूर ने उन्हे देखकर काली तथा भद्दी तक कहा था. शशि कपूर का मानना था कि रेखा फिल्मों में सफल नहीं हो सकती लेकिन बाद के वर्षों में रेखा ने शशि कपूर की टिप्पणी को गलत साबित करते हुए बालीवुड पर राज किया.

फिल्मों में सफल प्रेम कहानी तथा अपने प्यार को पा जाने वाली रेखा ने अपने वास्तविक जीवन में अपने प्यार को खोया ही है. उन्हें उनका ‘लंबू’ जीवन साथी के रूप में नहीं मिल सका जिसकी हर अदा की रेखा दीवानी थी. वस्तुतः अमिताभ बच्चन ने ही रेखा को अभिनय के गुर सिखायें थे. ‘लंबू’ के साथ रेखा के प्यार का सिलसिला फिल्म ‘सिलसिला’ तक चला परन्तु कुली फिल्म की शूटिंग के दौरान अमिताभ बच्चन के साथ हुए हादसे ने उन्हें रेखा से दूर कर दिया. इस प्रकार रेखा का जीवन भारतीय मायनों में एक अधूरी औरत की कहानी है जिसे शादीशुदा जिंदगी का सुख कुछ ही लम्हों तक नसीब हुआ.

एक अधूरी औरत होने के बावजूद भी आज रेखा का 60वां जन्मदिन है इस दिन उनके जीवन के नकारात्मक पक्षो के बजाये सकारात्म पक्षों को याद करके उनके लंबे जीवन की कामना करनी चाहिये. वर्ष 1979 मे रेखा-अमिताभ की फिल्म ‘नटवरलाल’ का गाना ‘परदेशिया यह सच है पिया सब कहते हैं कि मैंने तुझकों दिल दे दिया..’ उनके जीवन का सत्य है कि उन्होंने लंबू को अपना दिल दे दिया.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!