जब रेणुका सहाने का भेजा फ्राई हुआ

मुंबई | बीबीसी: एक पत्रकार ने अभिनेत्री रेणुका सहाने का फोन पर इंटरव्यू लिया. इस इंटरव्यू के दौरान उस पत्रकार ने जो कुछ कहा उसे रेणुका ने अपने फेसबुक पर पोस्ट कर दिया है. रेणुका की यही पोस्ट वायरल हो गई है. ‘हम आपके हैं कौन’ से मशहूर हुईं अभिनेत्री रेणुका शहाणे की एक फेसबुक पोस्ट वायरल हो रही है.

इसमें उन्होंने एक पत्रकार के साथ अपने ‘इंटरव्यू’ का अनुभव बताया है. पढ़िए उन्हीं के शब्दों में: एक जाने-माने अख़बार के ‘जर्नलिस्ट (पत्रकार)’ ने मुझे फ़ोन किया. मैं उन्हें यहां शॉर्ट में जे कहूंगी.


जे: मैम हम आपका एक इंटरव्यू करना चाहते हैं, एक कॉलम के लिए जो वरिष्ठ टीवी एक्टरों के बारे में है.
मैं: ठीक है.
जे: तो जैसा कि मुझे याद है, ‘सुरभि’ के अलावा आपने ‘स्वाभिमान’ किया था, है ना?
मैं: बहुत से सीरियल किए, लेकिन ‘स्वाभिमान’ नहीं.
जे: ओ नहीं.. तो फिर ‘शांति’ था? बहुत ही लोकप्रिय था…
मैं: हां, बहुत लोकप्रिय था, लेकिन मैं उसमें नहीं थी.
जे (लगा कि वो अचंभे में है) : अरर.. तो फिर आप किस सीरियल में थीं? प्लीज़ अपने सीरियलों के नाम बताइए?
मैं: आप होमवर्क क्यों नहीं करते?
जे: प्लीज़ मैम अभी मेरी मदद करिए.. मैं अगली बार से मैं होमवर्क करूंगा.. बस कुछ सवाल हैं.
मैं : ठीक है.
जे: जो सीरियल आप करती थीं और जो आज आते हैं, उनमें क्या फर्क है?
मैं : जिन सीरियलों में मैं काम करती थी वो वीकली (साप्ताहिक) थे.
जे: वीकली?
मैं (संयम से) : अब तो डेली सोप आते हैं.. उन्हें डेलीज़ कहते हैं क्योंकि वो रोज दिखाए जाते हैं.. मेरे सीरियल वीकली कहलाते थे, क्योंकि वो हफ्ते में एक बार दिखाए जाते थे.
जे: सिर्फ़ हफ्ते में एक बार? आपका मतलब है कि एक हफ्ते के लिए एक कहानी?
मैं: नहीं.. आपको कैसे समझाऊं? देखिए, दैनिक अख़बार होते हैं, साप्ताहिक पत्रिकाएं होती हैं, पाक्षिक होते हैं और मासिक भी होते हैं.. कुछ तो तीन महीने में भी प्रकाशित होते हैं? ठीक है?
जे: तो आपके पास तो बहुत विविध चीजें थीं जैसे साप्ताहिक, पाक्षिक.
मैं: नहीं.. नहीं.. मेरा मतलब है कि हमारे पास विविधता थी.. लेकिन मैं तो सिर्फ एनालॉजी ड्रॉ (मिसाल दे रही थी) कर रही थी ताकि आप अपने काम के हिसाब से आप इसे समझ सकें.
पॉज
मैं: आप हैं ना?
जे: जी मैम, मैंने सोचा कि आप कुछ ड्रॉ कर रही हैं इसलिए मैं इंतज़ार कर रहा था.
मैं: हम्म्म. आप कुछ नोट भी कर रहे हैं क्या?
जे: मैम मेरी याददाश्त ज़बरदस्त है.. आपने ‘सुरभि’ में अभिनय किया था, और आपने ‘शांति’ में भी अभिनय किया था जो कि साप्ताहिक था और आपने पंद्रह दिन और तीन महीने में एक बार आने वाले सीरियलों में भी अभिनय किया था.
मैं (अपनी हंसी को दबाते हुए): आप ज़बरदस्त हैं.. आपको सब कुछ याद है.. क्या अब मैं जा सकती हूं.. ड्रॉइंग करने.. ड्रॉइंग एनालॉजी.
जे: जी मैम.. अगर आप मुझे अपनी एलर्जी की ड्रॉइंग व्हाट्स एप करेंगी तो मैं इसे आपकी हॉबीज में रखूंगा.. बहुत ही अच्छा रहेगा.
गहरी सांस.. कुछ पत्रकार बहुत मनोरंजन करते हैं.. पूरे मामले की अच्छी बात ये है कि मैंने एक कैनवास ख़रीद लिया है.. हालांकि अभी एलर्जी की ड्रॉइंग नहीं बना पाई हूँ.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!