रेपो रेट 0.25 फीसदी बढ़ा

मुंबई | समाचार डेस्क: आरबीआई ने रेपो रेट 7.50 फीसदी से बढ़ाकर 7.75 फीसदी कर दिया है. द्वितीय तिमाही की म्रौद्रिक नीति की समीक्षा के बाद रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने यह कदम उठाया है. इससे इस संभावना को बल मिलता है कि आम जनता को अब ईएमआई के रूप में ज्यादा धन ब्याज के रूप में देना पड़ेगा.

4 सितंबर को रघुराम राजन के रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर बनते ही इस बात की आशंका थी कि म्रौद्रिक नीति में बदलाव लाया जायेगा. रेपो रेट वह रेट होता है जिस पर कामर्शियल बैंक रिजर्व बैंक से अल्प कालीन ऋण लेते हैं. जब बैंको को ही ज्यादा धन चुकाना पड़ेगा तब जाहिर है कि कर्ज लेने वालों को भी ज्यादा ब्याज देना पड़ेगा.


म्रौद्रिक नीति में रिजर्व बैंक ने देश के तथा दुनिया भर के आर्थिक हालात का विश्लेषण कर यह निष्कर्ष निकाला है कि रेपो रेट को बढ़ा दिया जाये. इस म्रौद्रिक समीक्षा में 2014 के लिये अनुमानित विकास दर को 5.7 फीसदी से घटाकर 4.8 फीसदी कर दिया गया है. इसी के साथ ही 2015 के लिये विकास दर को 6.5 फीसदी से घटाकर 5.8 फीसदी कर दिया गया है.

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