फेरे में लिया बेटी बचाने का संकल्प

रायपुर | एजेंसी: महासमुंद जिले में बागबाहरा के नवविवाहित जोड़े स्मिता और रवींद्र ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सामाजिक बुराई के खिलाफ आहुति दी. इस युवा जोड़े ने विवाह के मंडप में छह फेरों के बाद बेटियों को बचाने के संकल्प के साथ सातवां फेरा लिया.

इस अच्छी और नई पहल को लेकर नवविवाहितों ने न सिर्फ प्रदेश को, बल्कि समूचे देश को एक अच्छा संदेश दिया है. बताया जाता है कि बागबाहरा के ग्रीन केयर सोसाइटी के अध्यक्ष विश्वनाथ पाणिग्रही की पहल पर उनके परिवार में यह संकल्प दोहराया गया. विवाह के मौके पर वर-वधू ने संकल्प लेकर कहा कि समाज में व्याप्त बुराइयों के खिलाफ वे संघर्ष करेंगे और बेटियों के साथ-साथ पौधों की सुरक्षा के लिए ताउम्र समर्पित रहेंगे. वर-वधू के इस संकल्प को समाज में एक अच्छा संदेश माना जा रहा है.


गौरतलब है कि कन्या भ्रूणहत्या के कारण लिंगानुपात का संतुलन लगातार बिगड़ता जा रहा है. देश के हर समाज में बेटियों की संख्या निरंतर घट रही है. वर्ष 2011 के जनसंख्या के आंकड़ों के अनुसार, 1000 लड़कों के मुकाबले लड़कियों की संख्या 914 होना विषम लिंगानुपात का खतरनाक संकेत है.

कन्या भ्रूणहत्या रोकने के लिए बना एनडीपीटी एक्ट 1994 भी अपना प्रभाव नहीं दिखा पा रहा है, लेकिन बेटे की चाहत की मानसिकता के कारण बेटियों की कम होती संख्या पर नियंत्रण नहीं हो पा रहा है.

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