वाड्रा-डीएलएफ घोटाले पर पीएमओ का परदा

नई दिल्ली | संवाददाता: सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ विवादास्पद डीएलएफ भूमि घोटाले के मामले में लगे आरोपों की जांच के लिए जब प्रधानमंत्री कार्यालय से जांच के रिकॉर्ड मांगे गए तो पीएमओ ने उन्हें ‘गोपनीय’ बताकर देने से इनकार कर दिया. रॉबर्ट वाड्रा के इस घोटाले को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती देने वाली नूतन ठाकुर ने पीएमओ से दस्तावेज मांगे थे.

गौरतलब है कि रॉबर्ट वाड्रा के डीएलएफ घोटाले को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में नूतन ठाकुर ने याचिका दायर की थी. उस पर केंद्र सरकार ने अदालत को कहा था कि नूतन ठाकुर की याचिका अखबारों की खबरों पर आधारित हैं, इसलिये उन पर सुनवाई करना ठीक नहीं होगा. इस के बाद अदालत ने याचिका खारिज कर दी थी.

नूतन ठाकुर ने पीएमओ से आरटीआई के तहत पीएमओ द्वारा हाईकोर्ट के समक्ष दायर हलफनामे के संबंध में सभी फाइल नोटिंग्स को जानना चाहा था. इसके अलावा उन्होंने अपनी याचिका मिलने के बाद शीर्ष कार्यालय द्वारा की गई कार्रवाई के बारे में भी जानना चाहा था. लेकिन पीएमओ ने कहा कि यह मामला अदालत में लंबित है, इसलिये इसे देना ठीक नहीं होगा.

सूचनादाता नूतन ठाकुर की ओर से तर्क दिया गया कि जब तक अदालत की तरफ से दस्तावेजों के सार्वजनिक नहीं किये जाने के स्पष्ट निर्देश न हों, तब तक ऐसा किया जाना ठीक नहीं होगा. इसके बाद जानकारी दी गई कि पीएमओ ने इस मामले में अदालत से छूट मांगी है. ऐसे में दस्तावेज नहीं दिये जाएंगे. नूतन ठाकुर का कहना है कि वे इस मामले को सूचना आयोग और जरुरत पड़ी तो उपरी अदालत में भी ले जाएंगी.

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