26/11, दक्षेस और मोदी का संयोग

काठमांडू | समाचर डेस्क: 26/11 के दिन हो रहे दक्षेस सम्मेलन में मोदी ने आतंकवाद को एजेंडे में शामिल करवा दिया. इसे संयोग ही कहना चाहिये कि मुंबई में 26/11 को हुए आतंकवादी हमलें जिसमें पाकिस्तान से आतंकवादी आये थे की ठीक छठवीं बरसी के दिन काठमांडू में दक्षेस देशों का 14वां सम्मेलन शुरु हुआ. भारत के तेज-तर्राज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस मौके का भरपूर फायदा उठाते हुए अप्रत्यक्ष रूप से पाकिस्तान पर निशान साधा.

दक्षेस सम्मेलन में बोलते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “आज, हम 2008 के मुंबई हमले की भयावहता को याद कर रहे हैं. हम घटना में हुई मौतों पर दुख महसूस कर रहे हैं, जो कभी खत्म नहीं होने वाला है.” उन्होंने कहा, “आइये, हम आतंकवाद और अंतर-देशीय अपराध के खिलाफ लड़ने के अपने संकल्प को पूरा करने के लिए साथ मिलकर काम करें.”


प्रधानमंत्री मोदी ने सुबह काठमांडू से 26/11 के शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा, “हम मुंबई पर वर्ष 2008 में हुए आतंकवादी हमले की घटना में मरने वाले निर्दोष महिलाओं एवं पुरुषों को श्रद्धांजलि देते हैं.” गौरतलब है कि अरब सागर के रास्ते मुंबई घुस आए 10 पाकिस्तानी आतंकवादियों ने 26 नवंबर, 2008 को शहर के पांच सितारा होटल ताजमहल व ट्राइडेंट ओबेराय, लियोपोल्ड कैफे, छत्रपति शिवाजी टर्मिनस और कामा हॉस्पीटल पर हमला किया था. इसमें 26 विदेश नागरिकों सहित 166 लोगों की जान चली गई थी. आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ 60 घंटे तक चली थी.

मोदी ने अपने संदेश में कहा, “आज का दिन आतंकवाद के खतरे से साथ मिलकर लड़ने और इसे उखाड़ फेंकने के लिए एक बार फिर अपनी प्रतिबद्धता जताने का है.”

बांग्लादेश में वर्ष 1985 में गठित दक्षेस, आठ दक्षिण एशियाई देशों का क्षेत्रीय संघ है, जिसमें अफगानिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, भारत, मालदीव, नेपाल, पाकिस्तान एवं श्रीलंका शामिल हैं. अफगानिस्तान वर्ष 2007 में दक्षेस का आठवां सदस्य बना था.

उल्लेखनीय है कि हर एक मुद्दे को एक सफल आयोजन में बदल देने की क्षमता रखने वाले भारत के प्रधानमंत्री मोदी ने दक्षेस में भारत पर 26/11 को हुए आतंकवादी हमले के मुद्दे को उठाकर पाकिस्तान को परेशानी में डाल दिया. इसे अंतर्राष्ट्रीय समुदाय ने भी माना था कि मुंबई में 26/11 को हुए आतंकवादी हमले के तार पाकिस्तान से जुड़े थे.

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