बाजपेयी 3 दिन की पुलिस रिमांड पर

रायपुर | संवाददाता: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के न्यू स्वागत विहार कॉलोनी डूंडा में करोड़ों की शासकीय जमीन पर अवैध कब्जा करने वाले फरार बिल्डर संजय बाजपेयी ने गुरुवार को कोर्ट पहुंच कर आत्मसमर्पण कर दिया. अदालत ने आरोपी को 3 दिन की पुलिस रिमांड पर दिया है. रिमांड पर लेने मौदहापारा और गोलबाजार थाने के प्रभारी ने आवेदन लगाया था.

आरडीए के कमल विहार योजना की जमीन पर कब्जा करने के मामले में फंसे बिल्डर संजय बाजपेयी के खिलाफ राजधानी के मौदहापारा और गोलबाजार थाने में धोखाधड़ी सहित कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था. संजय बाजपेयी बिल्डर प्रा.लि. कंपनी के संचालक मंडल में संजय के अलावा उसकी पत्नी सरिता बाजपेयी भी है.


पुलिस के अनुसार धोखाधड़ी के इस मामले में सरिता भी लिप्त है. उसके खिलाफ भी कल रात मामला दर्ज कर लिया गया है. बिल्डर संजय की पत्नी सरिता को पुलिस फरार बता रही है. सरिता आर्ट ऑफ लिविंग की प्रशिक्षिका भी है.

गुरुवार की सुबह साढ़े 10 बजे संजय अचानक रायपुर कोर्ट पहुंच गया. उसने प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट योगिता विनय वासनीक की कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया. बिल्डर के आत्मसमर्पण की खबर मिलते ही उसके कुछ सहयोगी और बड़ी संख्या में मीडिया के लोग कोर्ट पहुंच गए.

कोर्ट ने सुनवाई करते हुए दोपहर दो बजे तक इस मामले में आदेश सुरक्षित रखा. दोपहर बाद पुन: सुनवाई होने के बाद कोर्ट ने संजय को पूछताछ मौदहापारा पुलिस को 3 दिनों का रिमांड स्वीकृत किया है. कोर्ट के बाहर मीडिया कर्मियों की भीड सुबह 11 बजे से सवा 4 बजे तक लगी रही.

जब पुलिस अधिकारी संजय को कोर्ट के बाहर लेकर पहुंचे तो बिल्डर से मीडिया कर्मियों ने बात करनी चाही. वह सिर्फ हाथ हिलाता रहा. उसका कहना था कि उसे फंसाया गया है. पुलिस की जीप में बैठने के बाद जैसे ही बिल्डर कोर्ट परिसर से निकला, उसने राहत की सांस ली. कोर्ट परिसर से शास्त्री चौक आते-आते ही बिल्डर का चेहरा बदल गया. वह साथ में बैठे पुलिस कर्मियों से हंसी-ठिठोली करने लगा.

बिल्डर के अधिवक्ता फैजल रिजवी ने संवाददाताओं को बताया कि संजय छत्तीसगढ़ में ही था. वह उपचार के लिए दूसरे शहर चला गया था. उसे समाचारों के माध्यम से दो दिन पहले पता चला कि उसके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. आज उसने कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया है. उसके आत्मसमर्पण करने के बाद मौदहापारा पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी की कार्रवाई पूरी की.

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