श्रीश्री की शरण में है बाजपेयी ?

रायपुर | संवाददाता: छत्तीसगढ़ की राजधानी में रातों रात मशहूर होने वाले बिल्डर संजय बाजपेयी और उनकी पत्नी आर्ट ऑफ लिविंग की राज्य की सबसे चर्चित प्रशिक्षिका सरिता बाजपेयी का अब तक पता नहीं चल सका है. लगभग ढाई सौ लोगों के साथ फर्जीवाड़ा करके अरबों की कमाई करने वाले संजय बाजपेयी की तलाश में पुलिस का एक दल जल्दी ही बैंगलुरु जाने वाला है. कहा जा रहा है कि बाजपेयी दंपत्ति वहां श्रीश्री रविशंकर के आर्ट ऑफ लिविंग के आश्रम में हो सकता है.

राजधानी रायपुर के हरेक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि बनने और अखबारों-टीवी चैनलों में अपने को स्थापित करने के लिये करोड़ों के विज्ञापन देने वाले संजय बाजपेयी पिछले दो सालों में तेजी से उभर कर सामने आये थे. राजधानी के चौक चौराहों पर मुख्यमंत्री रमन सिंह से कहीं अधिक होर्डिंग बाजपेयी के लगे हुये रहते थे. उन्हें महान बताने और बाजपेयी के नाम पर फैंस क्लब तक बनाये गये थे. वे युवा चेंबर के अध्यक्ष भी बन गये थे. लेकिन राजनीतिक समीकरण गड़बड़ाये और इस बिल्डर की जांच शुरु हुई तो अरबों के घोटालों का राज सामने आ गया.


इधर पुलिस ने संजय बाजपेयी के बैंक खातों को सीज करने की तैयारी शुरु कर दी है. बाजपेयी पर आरोप है कि उसने सरकार की सैकड़ों एकड़ जमीन फर्जी तरीके से अपने नाम करा लिया और फिर अरबों रुपये में यह जमीन छोटे-छोटे टुकड़ों में प्लाटिंग करके बेच दी. बाजपेयी पर फर्जी दस्तावेज के सहारे कालोनी विकास लायसेंस हासिल करने का आरोप है. न्यू-स्वागत विहार कालोनी डूंडा में हुये इस फर्जीवाड़े के अलावा गोलबाजार थाने में भी संजय बाजपेयी के खिलाफ धोखाधड़ी की एक और रिपोर्ट लिखाई गयी है.

पुलिस की जानकारी में अब तक यह बात नहीं आई है कि बाजपेयी के कितने बैंकों में खाते हैं. इसलिये पुलिस ने राजधानी के सभी बैंकों को नोटिस जारी करके जानकारी मांगी थी. मंगलवार को बैंकों से दस्तावेज मिलने के बाद यह बात सामने आने की संभावना है कि बाजपेयी ने कुल जमा कितने लोगों को कितने का चूना लगाया.

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