लापरवाही और आयरिश कानून ने ली सविता की जान

लंदन: सरिता हलप्पनवार की मौत के मामले में आई आधिकारिक जाँच रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि अस्पताल की सिलसिलेवार लापरवाही और आयरिश गर्भपात कानून को लेकर भ्रम की स्थिति उनकी मौत का मुख्य कारण रहे. रिपोर्ट में यह चेतावनी भी दी गई है कि यदि गर्भपात को लेकर स्पष्ट कानून नहीं बनाए जाते हैं तो ऐसी स्थिति का फिर से सामना करना पड़ सकता है.

प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग के प्रो. सर सबतरत्नम अरुलकुमारन की अध्यक्षता में की गई चिकित्सीय जाँच में कहा गया है कि सविता की मौत गर्भ में संक्रमण की वजह से हुई. रिपोर्ट बताती है कि संक्रमण को काबू में करने पर न ध्यान देकर भ्रूण की धड़कन के रुक जाने से पहले हस्तक्षेप ना करने का निर्णय घातक सिद्ध हुआ. रिपोर्ट मानती है कि सविता का इलाज के कई स्तरों पर लापरवाही बरती गई.


उल्लेखनीय है कि आयरलैंड में भारतीय मूल की डेंटिस्ट सविता हलप्पनवार (31) की पिछले साल उस समय मौत हो गई थी, जब चिकित्सकों ने कैथोलिक देश और उसके गर्भपात से संबंधित कानून का हवाला दे उनका गर्भपात करने से इंकार कर दिया था. परिवार वालों के बार-बार अनुरोध करने के बाद भी उनका गर्भपात नहीं किया गया और गर्भ में घाव के सड़ने की वजह से उनकी मौत हो गई थी.

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