सर्व शिक्षा अभियान बना अमलेश्वर के लिए वरदान

रायपुर | एजेंसी: सर्व शिक्षा अभियान का विशेष स्वास्थ्य परीक्षण रायपुर के एक सरकारी स्कूल की पहली कक्षा में पढ़ने वाले अमलेश्वर के लिए किसी वरदान से कम साबित नहीं हुआ है. इससे पहले अमलेश्वर अपने दोस्तों की तरह ही खुले मैदान में दौड़ना चाहता था, लुका छिपी खेलना चाहता था, पर वह मन-मसोस कर रह जाता था, क्योंकि उसके दोनों पैर अंदर की तरफ मुड़े थे.

मजदूरी कर के जैसे-तैसे घर चलाने वाले अमलेश्वर के पिता मनोहर ने उसका निजी चिकित्सक से परीक्षण कराया था, जिसने इलाज में 80 हजार रुपये खर्च का आने की बात की थी. जाहिर है मनोहर के लिए इतनी बड़ी रकम जुटाना किसी भी तरह से संभव नहीं था.

निराशा के इस माहौल में सर्व शिक्षा अभियान द्वारा विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए चलाया जा रहा कार्यक्रम मासूम अमलेश्वर के जीवन में खुशियों की किरण बन कर आया.

आरंग में आयोजित परीक्षण के पश्चात अमलेश्वर को दिसंबर 2012 में रायपुर के पुराने मंत्रालय स्थित दाऊ कल्याण सिंह चिकित्सालय लाया गया. जहां उसके बाएं पैर का सफल आपरेशन हुआ और पुन: इस साल 13 मई को अमलेश्वर के दाहिने पैर का सफल आपरेशन किया गया.

अमलेश्वर के दाएं पैर पर अभी भी प्लास्टर लगा है और वह स्वास्थ्य लाभ ले रहा है. चिकित्सकों का कहना है कि प्लास्टर हटने के बाद अमलेश्वर अपने पैरो पर दौड़ सकेगा. अमलेश्वर के पिता मनोहर कहते हैं कि बिना किसी खर्च के उनके बेटे को नया जीवन मिला है.

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