सिंधिया स्कूल में भी होता है रैगिंग

ग्वालियर | समाचार डेस्क: रैगिंग के मामले के तूल पकड़ने के बाद ग्वालियर के सिंधिया स्कूल के तीन छात्रों को स्कूल से निष्काषित कर दिया गया है. इसी के साथ स्कूल प्रबंधन ने दो कर्मचारियों को उनकी ड्यूटी से हटा दिया है. जाहिर है कि जिस स्कूल में सरकारी नियमों के अनुसार एंटी रैगिंग समिति न तो बनी है और न ही उसका विवरण बोर्ड पर दिया गया है वहां पर मामले की गाज छोटे कर्मचारियों पर गिरना पहले से तय था. गौरतलब है कि मध्य प्रदेश के ग्वालियर के सिंधिया स्कूल में बिहार के सहकारिता मंत्री जय कुमार सिंह के बेटे आदर्श से हुई रैगिंग की घटना सामने आई है जिसके बाद पीड़ित छात्र ने आत्महत्या की कोशिश की थी.

ग्वालियर पुलिस ने बहोड़ापुर थाने में तीन छात्रों व दो कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. आदर्श द्वारा आत्महत्या की कोशिश किए जाने के मामले की जिलाधिकारी पी नरहरि द्वारा कराई गई जांच में रैगिंग व वरिष्ठ छात्रों द्वारा परेशान किए जाने और जिम्मेदार कर्मचारियों द्वारा कार्रवाई न किए जाने का खुलासा हुआ है, वहीं पुलिस ने भी अपनी जांच में तीन छात्रों व दो कर्मचारियों की भूमिका को अहम पाया है जिनके खिलाफ बहोड़ापुर थाने में प्रकरण दर्ज किया गया है.


स्कूल के प्राचार्य शोमिक घोष ने मंगलवार को बताया कि आदर्श के साथ हुई रैगिंग के मामले को प्रबंधन ने गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ तीन छात्रों को निष्कासित कर दिया गया है वहीं दो कर्मचारी को कार्य स्थल से अलग कर दिया गया है.

मालूम हो कि नवमी का छात्र आदर्श छात्रावास के कमरे में बेहोशी की हालत में मिला था. उसने आत्महत्या की कोशिश की थी. आदर्श को पहले ग्वालियर के निजी अस्पताल और बाद में दिल्ली के अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया है. जहां उसका इलाज चल रहा है. मंगलवार को ग्वालियर में कुछ छात्र संगठनों ने सिंधिया स्कूल में रैगिंग के विरोध में प्रदर्शन किया.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!