वैदिक को पाकिस्तान भेजे: ‘सामना’

नई दिल्ली | संवाददाता: भाजपा की सहयोगी शिवसेना ने कहा है कि वैदिक को इस्लामाबाद वापस भेजे. कांग्रस के बाद बुधवार को एनडीए की शरीक शिवसेना ने वेद प्रताप वैदिक के खिलाफ मोर्चा खोल लिया है. शिवसेना के मराठी मुखपत्र ‘सामना’ के संपादकीय के द्वारा वेद प्रताप वैदिक के सईद से मिलने पर सवाल उठाये गये हैं. ‘सामना’ के संपादकीय में साफ-साफ लिखा गया कि देश की तमाम जनता की इच्छा है कि वैदिक को उसी एयरलाइंस में बिठाकर वापस इस्लामाबाद भेज देना चाहिए.

‘सामना’ मे पत्रकार वेद प्रताप वैदिक के आचरण की तुलना पूनम पांडे से करते हुए टिप्पणी की गई है कि “वैदिक महाशय जब हिंदुस्तान के कट्टर दुश्मन से मिल रहे हैं तो उनके चेहरे पर ऐसे भाव हैं जैसे वो किसी महान समाजसेवक से मिल रहे हों. प्रचार का इतना लोभ तो घातक ही होता है. प्रचार पाने के लिए अपने शरीर के सारे कपड़े उतारकर न्यूड तस्वीर खिंचवाने वाली पूनम पांडे को तो एक बार माफ किया जा सकता है, लेकिन हाफिज सईद से मिलकर उससे उपकार भाव में बातचीत करनेवाले को माफ नहीं किया जा सकता. सईद कसाब का असली बाप है. हिंदुस्तान में हिंसा फैलाकर देश को खत्म करने का षड्यंत्र रचनेवालों में से है. ऐसे राक्षस से मिलने एक पत्रकार नामक गिरगिट जाता है और उसके साथ हंसते हंसते फोटो निकालता है, यह अपने में भयंकर पाप है.”

शिवसेना ने सामना के संपादकीय में कहा है कि वैदिक का इस तरह से आतंकवादी हाफिज़ सईद से मिलना राष्ट्रद्रोह है जिसके खिलाफ सरकार को कड़े कदम उठाने चाहिये. सामना में पत्रकार वैदिक से पाकिस्तान में इतनी दिलदारी के किये गये बर्ताव की गुप्तर एजेंसी से जांच करवाने की मांग की गई है.

‘सामना’ में सरकार के इस बयान पर कि सईद के मुलाकात से सरकार का कुछ लेना देना नहीं है कहा गया है कि ‘‘सिर्फ यह कहना काफी नहीं है कि सरकार का इस मुलाकात से कुछ लेना-देना नहीं है. अगर कांग्रेस की सरकार होती और कोई पत्रकार हाफिज अथवा दाऊद इब्राहीम से मिलता तो भाजपा, सरकार पर हमले करती .’’

गौरतलब है वरिष्ठ भारतीय पत्रकार वेद प्रताप वैदिक 2 जुलाई को लाहौर में मुंबई धमाकों के मुख्य आरोपी हाफिज़ सईद से मिले थे जिसके बाद से कई राजनीतिक दलों ने उनके खिलाफ आवाज़ उठाई है. ताजा मामला भाजपा के सहयोगी तथा एनडीए की शरीक शिवसेना का जिसने बुधवार को अपने मुखपत्र ‘सामना’ के संपादकीय में उनके खिलाफ कठोर भाषा का उपयोग करते हुए विरोध दर्ज कराया है.

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