शाहरूख खान फिर हिरासत में

लॉस एंजेलिस | संवाददाता: शाहरूख खान के मामले में अमरीका ने माफी मांगी है. शाहरूख खान पिछले सात सालों में तीसरी बार अमरीका में हिरासत में लिये गये हैं. 2009 में शाहरुख को न्यू जर्सी में रोका गया था और तब अमरीका ने कहा था कि नाम के कारण गलतफहमी हो गई थी. बाद में न्यूयॉर्क एय़रपोर्ट पर 2012 में भी ऐसा ही वाकया हुआ था. तब उन्हें न्यूयॉर्क के हवाई अड्डे पर लगभग दो घंटे के लिए हिरासत में रखा गया. हालांकि बाद में अमेरिका ने खेद जताया था. एक बार फिर शाहरुख अमरीका के निशाने पर आये और उन्हें हिरासत में लिया गया.

अमरीकन अधिकारियों द्वारा कहा जा रहा है कि उनका नाम उन्हें मुश्किलों में डालने वाला साबित हुआ. लेकिन सवाल यही है कि क्या दुनिया के इस दारोगा अमरीका के पास इतनी भी सूचनायें नहीं होतीं कि वह इस फिल्म अभिनेता को नहीं पहचान सके. असल में भारतीयों के साथ अपमानजनक व्यवहार का अमरीका ने तो रिकार्ड बना लिया है. भारतीय राजनेताओं के कपड़े उतार कर तलाशी लिये जाने के मामले भी बहुत पुराने नहीं हैं. इसके उलट भारत में अमरीकन दूतावास के साधारण कर्मचारी को भी लाल कालीन डाल कर उनकी आवभगत के किस्से बहुत आम हैं.


ताज़ा घटना के बाद शाहरुख खान ने ट्वीट किया, मैं पूरी तरह सुरक्षा के तरीकों को समझता, आज जो हालात हैं उसमें सुरक्षा का सम्मान करता हूं, लेकिन हर बार अमेरीकी आव्रजन विभाग द्वारा हिरासत में लिया जाना वाकई बहुत बुरा लगता है. शाहरूख नका कहना था कि हिरासत के दौरान एक अच्छी बात ये रही कि उन्होंने कुछ और नहीं पोकेमॉन पकड़े, क्योंकि जब उन्हें हिरासत में लिया गया तो वो पोकेमोन गो खेल रहे थे.

इधर इस मामले को लेकर दुनिया भर में जब आलोचना का दौर शुरु हुआ तो अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता निशा बिस्वाल ने कहा कि वो एयरपोर्ट पर परेशानी के लिए माफी मांगती हैं. उनका कहना है कि एयरपोर्ट पर अमेरिकी राजनयिक भी रोक जाते हैं.

इस माफी के वक्तव्य के बाद सोशल मीडिया में अधिकांश लोग इस बात से सहमत नजर आये कि सुरक्षा मामलों में किसी को भी छूट नहीं मिलनी चाहिये. लेकिन अगर यह बदनियती से हो रहा हो तो इस पर सवाल उठना स्वाभाविक है. हालांकि अमरीका ने यह साफ किया है कि वह ऐसी व्यवस्था बनाने जा रहा है, जिससे शाहरूख को दुबारा कोी मुश्किल न हो.

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