‘शक्तिमान’ का पैर काटनी पड़ी

देहरादून | समाचार डेस्क: उत्तराखंड में ‘शक्तिमान’ का पैर काटना पड़ा तथा भाजपा अपने विधायक के पक्ष में खड़ी है. गौरतलब है कि ‘शक्तिमान’ घोड़े पर कथित तौर पर शक्ति प्रदर्शन कने वाले भाजपा विदायक गणेश जोशी को गिरप्तार कर लिया गया है. देशभऱ के पशु प्रेमी इस बात से नाराज़ हैं कि नाहक की ‘शक्तिमान’ की पैर काटनी पड़ी. उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में प्रदर्शन के दौरान तैनात अश्व पुलिस दल के घोड़े ‘शक्तिमान’ की टांग तोड़ने के मामले में भाजपा विधायक की गिरफ्तारी का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है. विधायक की गिरफ्तारी के विरोध में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता अजय भट्ट ने राज्यपाल के.के. पॉल से मुलाकात की. उन्होंने कहा कि भाजपा इस मामले को लेकर न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगी. राज्यपाल से मुलाकात के बाद अजय भट्ट ने पत्रकारों से कहा कि सरकार तानाशाही रवैया अपना रही है. यदि न्याय नहीं मिला तो भाजपा न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगी.

इस बीच, भाजपा विधायक गणेश जोशी की गिरफ्तारी का मुद्दा शुक्रवार को विधानसभा में भी उठा. भट्ट ने विधानसभा अध्यक्ष से मांग की कि जोशी को विधानसभा में बुलाया जाए. कार्यवाही समाप्त होने के बाद पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर सकती है.


इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि अब जब पुलिस ने विधायक को गिरफ्तार कर लिया है तब इस मामले में वह भी कुछ नहीं कर सकते.

विधायक की गिरफ्तारी के मामले में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने पत्रकारों से कहा कि विधायक की गिरफ्तारी से सरकार का कोई लेना-देना नहीं है. कानून अपना काम कर रहा है. इसमें किसी तरह का हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा.

उन्होंने कहा कि भाजपा के लोग इस मामले को लेकर जिस तरह का नाटक कर रहे हैं, उसे उत्तराखंड की जनता देख रही है और इसका सही जवाब देगी.

मसूरी से भाजपा विधायक को देहरादून में पटेल नगर स्थित वायसराय होटल से गिरफ्तार किया गया. इस घटनाक्रम के बाद भाजपा के कई बड़े नेता यहां जुटने लगे हैं. भट्ट ने आरोप लगाया कि हरीश रावत सरकार ने विधायक को आतंकवादियों की तरह उठाया.

उन्होंने कहा, “जिस तरह से विधायक को गिरफ्तार किया गया, उससे साबित हो गया है कि राज्य में भय का वातावरण बना हुआ है. पुलिस ने विधायक गणेश जोशी को आतंकवादी की तरह उठाया. सरकार ने मामले की पूरी जांच का इंतजार भी नहीं किया.”

भट्ट ने कहा कि सरकार ने विधायक को गिरफ्तार नहीं किया है, बल्कि उनका अपहरण किया गया है.

अमरीका और मुंबई से आए डाक्टरों की सलाह के बाद गुरुवार रात आठ बजे घायल शक्तिमान की टांग काटने का फैसला लिया गया. करीब 8.29 मिनट पर शुरू हुआ ऑपरेशन 39 मिनट तक चला. इस दौरान बेहोश करके शक्तिमान की टांग के करीब एक फीट हिस्से को काटा गया. इसके बाद टांग में फिलहाल अस्थायी सपोर्ट लगाया गया है.

इस संबंध में एसएसपी डॉ़ सदानंद दाते ने बताया कि बुधवार को उठते समय बार-बार शक्तिमान गिर रहा था. टांग के टूटे हिस्से की हड्डी बाहर आने तथा सपोर्ट के लिए लगाई गई पिन खिसकने से टांग का चोट वाला हिस्सा संक्रिमत हो गया था.

मुंबई से डॉ. फिरोज और अमरीकी डॉ. जैनी मेरीवान भूटान से देहरादून बुलाए गए थे. दोनों डाक्टरों ने घायल शक्तिमान की टूटी टांग और पहले किए गए अपरेशन की जांच की. डक्टरों ने कहा कि घोड़े की टांग के जुड़ने की कोई संभावना नहीं है. इसके बाद जख्मी घोड़े की टांग को काटने का फैसला लिया गया.

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