शेख हसीना को दोबारा बहुमत

ढाका | एजेंसी: प्रधानमंत्री शेख हसीना ने सोमवार को उनकी पार्टी अवामी लीग को दोबारा बहुमत प्रदान करने के लिए लिए देश का आभार व्यक्त किया.इसी के साथ ही हिंसा पर नियंत्रण के आदेश भी दिए. रविवार को हुए संसदीय चुनाव में शेख हसीना के नेतृत्व वाली अवामी लीग पार्टी ने 147 में से 104 सीटों पर विजय हासिल की. इसके अलावा 127 सीटों पर निर्विरोध चुने गए अवामी लीग के प्रत्याशियों को मिलाकर पार्टी कुल 231 सीटों पर जीत हासिल कर चुकी है. इस तरह अवामी लीग को दो तिहाई बहुमत हासिल हो चुका है.

शेख हसीना ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, “विपक्ष ने लोगों को मतदान केंद्रों तक न पहुंचने देने के सारे प्रयास किये..उन्होंने मार्ग बाधित किए, हड़ताल किए तथा आम जनता और मतदान केंद्रों पर बम से हमले किए. इन सबके बावजूद लोग मतदान केंद्रों पर आए और अपने मताधिकार का प्रयोग किया.”

बांग्लादेश की पुनर्निर्वाचित प्रधानमंत्री ने आगे कहा, “एक पीठासीन अधिकारी की हत्या कर दिए जाने के बावजूद मतदान अधिकारियों मतदान केंद्रों पर पहुंचे और अपनी ड्यूटी निभाई.”

समाचार पत्र ‘डेली स्टार’ के अनुसार, प्रधानमंत्री के सरकारी आवास पर हुए संवाददात सम्मेलन के दौरान शेख हसीना ने कानून व्यवस्था संचालित करने वाली एजेंसियों, सेना और प्रशासन को मतदान के बाद हिंसा फैलाने वाले तत्वों से के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और आम जनता की रक्षा करने के आदेश दिए.

अवामी लीग की सहयोगी पार्टियों -बांग्लादेश वर्कर्स पार्टी और जातीय समाजतांत्रिक दल- ने 11 सीटों पर जीत हासिल की है. अवामी उनके साथ मिलकर एक गठबंधन सरकार बनाएगी.

अवामी लीग की विजय हालांकि विपक्ष के देशव्यापी बहिष्कार और हिंसा के कारण फीकी पड़ गई है. रविवार को संसदीय चुनाव के लिए हुआ मतदान व्यापक हिंसा, विपक्ष के चुनाव बहिष्कार और बेहद कम मतदान के कारण बुरी तरह प्रभावित रहा.

शेख हसीना ने हालांकि कहा, “मैं इस बात से संतुष्ट हूं कि लोग मतदान करने में सफल रहे.”

उन्होंने आगे कहा, “युद्ध अपराधियों के खिलाफ सुनवाई जारी रहेगी, तथा दोषियों को सजा दी जाएगी.”

पूर्व तानाशाह एच.एम.इरशाद की जातीय पार्टी ने 33 सीटों पर जीत हासिल की है. इनमें से 20 सीटों पर उसके उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं.

इरशाद की पार्टी ने चुनाव के पहले अवामी लीग के नेतृत्व वाले 14 पार्टियों के गठबंधन से अपना नाता तोड़ लिया था. अब वह विपक्ष में बैठेगी.

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया की बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के नेतृत्व वाले 18 दलों के गठबंधन ने चुनावों का बहिष्कार किया है.

बीएनपी के एक नेता ने सोमवार को बताया कि एच. एम. इरशाद की पत्नी रोशन इरशाद देश की 10वीं संसद में नेता प्रतिपक्ष होंगी.

समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने जातिय पार्टी के नेता काजी फिरोज राशिद के हवाले से कहा, “हम मुख्य विपक्षी दल के रूप में संसद में जाएंगे, जिसकी नेता रोशन इरशाद होंगी.”

राशिद ने कहा, “रोशन इरशाद देश की 10वीं संसद में नेता प्रतिपक्ष होंगी.”

बीएनपी और उसके समर्थकों ने चुनाव की आलोचना करते हुए कहा कि ये चुनाव एकपक्षीय और हास्यास्पद हैं. उसने परिणामों को महत्वहीन बनाने के लिए सोमवार को 48 घंटे के बंद का आह्वान किया है.

प्रधानमंत्री शेख हसीना द्वारा चुनावों की देखरेख के लिए एक गैर दलीय अंतरिम सरकार के गठन से इंकार करने पर बीएनपी सहित 21 पार्टियों ने चुनाव का बहिष्कार किया था.

मुख्य निर्वाचन आयुक्त काजी रकीबुद्दीन अहमद ने दावा किया है कि चुनाव निष्पक्ष हुए हैं.

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