शर्लिन क्यों हैं सेक्स की देवी

मुबंई | संवाददाता: हिंदी फिल्मों की असफल अभिनेत्री शर्लिन चोपड़ा का कहना है कि उन्हें सेक्स की देवी न कहा जाये. कामसूत्र थ्रीडी के प्रचार प्रसार में जुटी शर्लिन का कहना है कि लोगों को उनकी अभिनय प्रतिभा का ध्यान रखना चाहिये और उसकी ही आलोचना की जानी चाहिये. शर्लिन चोपड़ा की फिल्म कामसूत्री थ्रीडी लंबे समय से अटकी पड़ी है और कहा जा रहा है कि फिल्म को कोई खरीदार नहीं मिल रहा है.

शर्लिन चोपड़ा की बयानबाजी के निहितार्थ को सीधे-सीधे समझने की जरुरत है. एक मुद्दा अभिनय है और दूसरा मुद्दा सेक्स या ग्लैमर है. शर्लिन चोपड़ा पिछले दो सालों से केवल और केवल कामसूत्र थ्रीडी की ही बात कर रही हैं. वह भी तब, जबकि इस फिल्म को भारत में कोई खरीदार नहीं मिल रहा है. सवाल यह है कि अगर शर्लिन चोपड़ा ने इस दौरान किसी नाटक या फिल्म में भी काम कर लिया होता तो शायद उनके अभिनय से लोग परिचित होते. लेकिन ऐसा नहीं हुआ.


पिछले दो सालों से उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि यह अटकी हुई फिल्म है और उनके सारे बयान व बातचीत इसी अटकी हुई फिल्म पर हैं. फिल्म का नाम सुनने के बाद यह साफ समझ में आता है कि फिल्म कुछ खास किस्म के दर्शकों के लिये ही बनाई जा रही होगी, जहां कम से कम अभिनय की कोई बहुत अपार संभावना होगी, ऐसा मानना मूर्खता के सिवा और कुछ नहीं है. वैसे भी इस फिल्म के निर्देशक की उपलब्धियां ऐसी नहीं रही हैं कि उनके फिल्म में अभिनय और कथानक या कैमरा और संगीत की बात की जाये. तो फिर शर्लिन को किस बात के लिये याद किया जायेगा.

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