रिश्तेदारों के कारण फंसे शिवराज

भोपाल | संवाददाता: मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह अपने रिश्तेदारों के कारण मुश्किल में नजर आ रहे हैं. रिश्तेदारों के कारण उन्हें कांग्रेस ने निशाना बनाना शुरु किया है. मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने राजधानी की रोहित गृह निर्माण सहकारी समिति में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के रिश्तेदारों द्वारा अवैध तरीके से भूखंड हड़पने और इसे छुपाने के लिए 2005 के बाद से सोसायटी का ऑडिट न कराने का आरोप लगाया है. उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर पांच सवालों के जवाब मांगे हैं.

नेता प्रतिपक्ष सिंह ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में याद दिलाया है कि उन्होंने इसके पहले लिखे पत्र में बताया था कि रोहित गृह निर्माण सहकारी समिति में मुख्यमंत्री के रिश्तेदारों एवं सहयोगियों ने अवैध रूप से प्लाट हड़प लिए, और इस बारे में उन्होंने पत्र के साथ प्रमाण भी पेश किए थे. लेकिन पत्र का जवाब तो मुख्यमंत्री ने नहीं दिया, लेकिन उनके प्रवक्ता ने इसे विपक्ष के झूठे आरोप बताकर खारिज कर दिया है.

नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री से जानना चाहा है कि रोहित चौहान, बलवंत सिंह चौहान, ममता चौहान, प्रद्युम्न सिंह चौहान, सीमा चौहान, राजेश चौहान, अनीता चौहान, एवं शशि सिंह द्वारा क्या रोहित गृह निर्माण सहकारी समिति में वैधानिक रूप से प्लाट लिए गए हैं.

पत्र में नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री से कहा है कि वे बताएं कि रोहित गृह निर्माण सहकारी समिति का वर्ष 2005 के बाद से आडिट क्यों नहीं हुआ. संस्था के रिकार्ड में वर्ष 2009 से 2008 तक सदस्यता क्रमांक 97, 102, 190, 1253, 1254, 1255, 1318, 1335, 1543, 2198 एवं 2199 की सदस्यता किसके नाम थी.

पत्र मे पूछा गया है कि संस्था के रिकार्ड में पूर्व में उल्लेखित सदस्यतों के नामों की जगह उनके (चौहान) रिश्तेदारों एवं सहयोगियों के नाम से यह सदस्यता कैसे हो गई. क्या कोई गृह निर्माण संस्था एक ही परिवार के एक से अधिक सदस्य को भूखंड दे सकती है.

सिंह ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा है कि वह उपरोक्त सवालों के जबाव दें, क्योंकि वर्ष 2011 की विधानसभा में शीतकालीन सत्र में आपने कहा था कि उनके रिश्तेदार अगर कोई गलत काम करते हैं तो उन्हें बख्शा नहीं जाएगा. माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह विधानसभा में या सार्वजनिक तौर पर ही इसका जवाब देंगे.

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