सिहावा क्षेत्र में मिला प्राचीन सिक्का

रायपुर | एजेंसी: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिलांतर्गत नगरी सिहावा क्षेत्र की कक्षा 12वीं की छात्रा गोमती नाग को अतिप्राचीन व दुर्लभतम सिक्का मिला है, जिससे क्षेत्र के पौराणिक महत्व की अनेक परतें खुलने की संभावना है.

विकासखंड शिक्षा अधिकारी ठाकुर राजेंद्र सिंह राठौर ने बताया कि उन्हें ग्राम बिरगुडी निवासी व कन्या उमा शाला की कक्षा 12वीं की छात्रा गोमती नाग को एक दुर्लभतम सिक्का मिलने की जानकारी मिली. लेकिन छात्रा इस सिक्के के महत्व से अनभिज्ञ थी.


छात्रा गोमती ने बताया कि कर्णेश्वर धाम में माघ पूर्णमिा के अवसर पर महानदी, बालका व सोंढूर नदी के संगम में स्नान करने के दौरान यह सिक्का उसे मिला. देखने में कुछ अलग लगने पर उसने इसे रख लिया. परीक्षा के दौरान ही अपने शिक्षकों को उसने दिखाया.

यह सिक्का काफी प्राचीन है. जिस स्थान पर यह सिक्का छात्रा को प्राप्त हुआ है वह कर्णेश्वर धाम का क्षेत्र है. साथ ही इसे महानदी का उद्गम स्थल भी कहा जाता है. सिक्के के एक पहलू को ध्यान से देखने पर सिर पर मुकुट व हाथों में तीर कमान लिए दो आकृतियां नजर आती हैं. सिक्के के दूसरे पहलू को ध्यान से देखने पर ऐसा लगता है कि भगवान श्रीरामचंद्र सीता के साथ आसन में विराजमान हैं.

एक ओर लक्ष्मण व दूसरी ओर भरत, शत्रुघ्न खड़े हैं. श्रीरामचंद्र के चरणों की सेवा हनुमान कर रहे हैं. इस तरह कुल 6 आकृतियां नजर आती हैं. कर्णेश्वरधाम पौराणिक स्थल है. यहां सोमवंशी राजाओं ने कई वर्षो तक अपना केंद्र स्थापित किया था.

प्राचीन सिक्के की शोध के लिए पुरातत्व विभाग को क्षेत्र में आमंत्रित करते हुए विकासखंड शिक्षा अधिकारी राठौर, प्राचार्या एम. रामटेके, शिक्षिका अनिता सोम, आर कुंजाम, सरोजनी साहू व व्याख्याता एनके साहू ने कहा कि इससे क्षेत्र के अनेक पारौणिक महत्व की वस्तुएं सामने आएंगी. नगरी क्षेत्र का नाम पुरातत्व के नक्शे पर अंकित होगा.

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