नाक नहीं त्वचा भी सूंघती है

लंदन | समाचार डेस्क: गंध को सूंघने की क्षमता केवल नाक में ही नहीं होती. त्वचा कोशिकाओं में चंदन की खुशबू सूंघने के तत्व मौजूद होने की खोज हुई है. अगर इन अभिग्राहकों यानी ओलफैक्ट्री रिसेप्टर को सक्रिय किया जाए, तो न केवल कोशिकाओं का प्रजनन तेजी से होता है, बल्कि घाव भरने में भी सहायता मिलती है.

जर्मनी के बोकम स्थित रूर विश्वविद्यालय के प्रोफेसर हंस हट् का कहना है, “अब तक के परिणामों से पता चलता है कि उनमें चिकित्सकीय और कॉस्मेटिक क्षमता है.”


निष्कर्ष के अनुसार, त्वचा की बाहरी स्तरों को बनाने वाली ‘किरेटिनोसाइट्स’ कोशिकाओं में घ्राण अभिग्राहक होते हैं.

शोधकर्ताओं ने त्वचा में मौजूद घ्राण अभिग्राहकों ‘ओआर2एटी4’ का अध्ययन किया. खोज में यह बात सामने आई कि इसे कृत्रिम चंदन की खुश्बू ‘सैंडलोर’ से सक्रिय किया जा सकता है. यह अध्ययन पत्रिका ‘इंवेस्टिगेटिव डरमेटोलॉजी’ में प्रकाशित हुआ है.

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