सोमनाथ भारती का इस्तीफे से इंकार

नई दिल्ली | समाचार डेस्क: दिल्ली के कानून मंत्री सोमनाथ भारती ने मंगलवार कहा कि उम पर लगे सबूतों से छेड़छाड़ के आरोप बेबुनियाद हैं. भारती ने मंगलवार को संवाददाताओं से कहा, “खबर में मुझे सबूत के साथ छेड़छाड़ करते हुए दिखाया जाना बिल्कुल झूठा है और मुझे यह समझ में नहीं आता कि अगस्त 2013 से जुड़े इस मामले में तथ्यों की जांच किए बगैर आगे बढ़ने की संवाददाताओं को क्या हड़बड़ी है.”

भारती ने कहा, “मामला स्टेट बैंक ऑफ मैसूर के 116 करोड़ रुपये के घोटाले से जुड़ा है. मेरे पास भी आडियो क्लिप है, जिसे मैं सबूत के तौर पर दे रहा हूं. मैं सबूत को ठोस बनाने की कोशिश कर रहा था और मुझ पर इसके साथ छेड़छाड़ का आरोप लगाया जा रहा है.”

मीडिया में आई खबरों के अनुसार केंद्रीय जांच ब्यूरो ने भारती पर अभियोजन पक्ष के गवाह को प्रभावित करने का आरोप लगाया था, जिसके बाद विशेष न्यायाधीश पूनम ए. बंबा ने उन्हें और भ्रष्टाचारा के आरोप का सामना कर रहे उनके मुवक्किल पवन कुमार को फटकार लगाई थी.

भारती ने कहा, “फैसला बिल्कुल गलत है और सीबीआई न्यायाधीश द्वारा यह कहना गलत है कि सबूत के साथ छेड़छाड़ की गई.”

उधर भाजपा ने दिल्ली के कानून मंत्री सोमनाथ भारती को एक बैंक भ्रष्टाचार मामले में अभियोजन पक्ष के गवाह को प्रभावित करने के आरोप में अभियोजित किए जाने के बाद उनके इस्तीफे की मांग की है.

भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष विजय गोयल ने यहां पत्रकारों से कहा कि आम आदमी पार्टी ईमानदारी की बात तो करती है, लेकिन उन्हीं के एक मंत्री भ्रष्टाचार के एक आरोपी को बचाने की कोशिश कर रहे हैं.

उन्होंने कहा, “हम उनके इस्तीफे की मांग करते हैं, तथा इस मामले ने ‘आप’ का सच सबके सामने उजागर कर दिया है.”

मामला एक बैंककर्मी पवन कुमार से जुड़ा हुआ है. केंद्रीय जांच ब्यूरो ने स्टेट बैंक ऑफ मैसूर में 2006 में नियुक्ति के बाद से त्रुटिपूर्ण गतिविधियों में कथित तौर पर संलिप्त रहने के लिए पवन कुमार को तीन अलग-अलग मामलों में अभियोजित किया है.

मीडिया में आई रपटों के अनुसार, सीबीआई की तत्कालीन विशेष न्यायाधीश पूनम ए. बांबा ने पिछले वर्ष अगस्त में जारी एक आदेश में सोमनाथ भारती और उनके मुवक्किल पवन कुमार पर भ्रष्टाचार का मामला चलाने के लिए कहा था. सीबीआई द्वारा उन पर अभियोजन पक्ष के एक गवाह को फोन कर मुकदमे के संबंध में चर्चा कर गवाह को प्रभावित करने का आरोप लगाए जाने के बाद न्यायालय ने यह आदेश दिया था.

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को अपने कानून मंत्री सोमनाथ भारती का बचाव किया और कहा कि उनकी सरकार के मंत्री सोमनाथ भारती ने सबूतों के साथ छेड़छाड़ नहीं की है. मीडिया में आई खबरों के मुताबिक, सोमनाथ और उनके मुवक्किल पवन कुमार पर भ्रष्टाचार के खिलाफ मुकदमा चल रहा है. केंद्रीय जांच ब्यूरो द्वारा उन पर अभियोजन पक्ष के एक गवाह से फोन पर बात कर उसे प्रभावित करने का आरोप लगाए जाने के बाद उन पर यह मामला दर्ज किया गया.

अरविंद ने पत्रकारों को बताया, “सोमनाथ भारती जूनियर स्तर के एक अधिकारी को बचाने की कोशिश कर रहे थे, तथा इसके लिए किए गए स्टिंग को न्यायाधीशों ने सबूतों से छेड़छाड़ कहा है.”

अरविंद ने आगे कहा, “हम वीडियो रिकॉर्डिग देने के लिए तैयार हैं. आप खुद इसे देखकर बताएं कि सबूतों से छेड़छाड़ कहां हुआ है. मैंने सोमनाथ से रिकॉर्डिग को मीडिया में देने के लिए कह दिया है.”

अरविंद ने सोमनाथ के मामले का विवरण देते हुए कहा, “हमें इस पूरे मामले को समझने की जरूरत है. यह 100 करोड़ रुपयों के भ्रष्टाचार का मामला है. यह भ्रष्टाचार एक बैंक के ही अंदर हुआ है.”

उन्होंने बताया, “जब भी कोई कुछ बेचता है, तो एक ऋण पत्र प्राप्त करता है. इस मामले में फर्जी ऋण पत्र दिए गए तथा बैंक के कई वरिष्ठ अधिकारी इसमें संलिप्त हैं.”

अरविंद ने यह भी कहा कि सीबीआई ने कनिष्ठ स्तर के एक अधिकारी पवन कुमार को बलि का बकरा बनाकर गिरफ्तार कर लिया है.

अरविंद ने कहा, “बैंक में सभी इस बात की ही चर्चा कर रहे हैं कि पवन कुमार को फंसाया गया है. पवन ने एक स्टिंग किया और सभी वरिष्ठ अधिकारियों को बताया.”

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