सोमनाथ भारती पर दिल्ली में घमासान

नई दिल्ली | समाचार डेस्क: दिल्ली के कानून मंत्री सोमनाथ भारती के खिलाफ युगांडा की महिलाओं द्वारा मजिस्ट्रेत के समक्ष बयान दर्ज करवाया गया है. चारो युगांडा की महिलाओं का बयान दंड संहिता की धारा 164 के अंतर्गत दर्ज किया गया है.

पुलिस ने जब युगांडा की महिलाओं को विभिन्न खबरिया चैनलों के फुटेज दिखाएं तो उन्होंने सोमनाथ भारती तथा उनके साथियों की पहचान कर ली है. इससे सोमनाथ भारती की मुश्किलें बढ़ गई हैं. पुलिस ने कहा कि महिलाओं को मामले के कथित आरोपियों की शिनाख्त के लिए बुलाया गया था.


गौरतलब रहे कि सोमनाथ भारती पर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने रात के समय उन अफ्रीकी महिलाओं के घर में जबरदस्ती घुसकर मारपीट की थी. वहीं आम आदमी पार्टी का कहना है कि खिड़की अपार्टमेंट में जिस्म फरोशी तथा नशे का कारोबार किया जाता है. जिसके बारें में मोहल्लावासियों ने उन्हें सूचित किया था.

दूसरी तरफ युगांडा की महिलाओं ने पुलिस को बयान दिया था कि गुरुवार को मंत्री और उनके लोग दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में नशा व्यापार और वेश्यावृति का भंडाफोड़ करने के नाम पर आधी रात को उनके मकान के अंदर जबरन घुस आए और उनके साथ मारपीट की.

घटना के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रेल भवन के निकट 32 घंटे का प्रदर्शन किया. उनकी मांग थी कि मंत्री सोमनाथ भारती के आदेश का पालन न करने वाले पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए, जिन्होंने मंत्री के कहने पर संदिग्ध अफ्रीकी नागरिकों के यहां छापामारी नहीं की.

सोमनाथ भारती के समर्थन में दिल्ली के परिवहन मंत्री सौरभ भारद्वाज ने का है कि “उस क्षेत्र में किन्ही भी 100 व्यक्तियों से पूछ लीजिए कि वहां नशीले पदार्थो और देह व्यापार का रैकेट चल रहा है या नहीं. उनसे पूछिए कि सोमनाथ भारती ने जो किया क्या वह गलत है.”

परिवहन मंत्री सौरभ भारद्वाज ने संवाददाताओं से कहा कि पहले उन्हें खुद पता लगाना चाहिए. उन्होंने कहा, “यदि एक नागरिक के रूप में आपको देह व्यापार और नशीले पदार्थो के रैकेट का पता चलता है, तो क्या आप पुलिस को इसकी जानकारी नहीं देंगे?”

भारद्वाज ने कहा, “यदि आपके सामने कोई अवैध काम हो रहा हो, तो आपको पुलिस को इत्तला करने और कार्रवाई करने के लिए कहने का अधिकार है. यदि पुलिस कार्रवाई करने से इंकार करेगी, तो आप क्या करेंगे?”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!