सपा-कांग्रेस के कारण हारी बसपा

लखनऊ | समाचार डेस्क: बसपा नेता मायावती ने कहा कि भाजपा नेता अमित शाह के भड़काऊ भाषणों का उनकी पार्टी के प्रदर्शन पर असर हुआ. इसके अलावा कई लोगों ने उनके खिलाफ साजिश की.

लखनऊ में आयोजिक एक पत्रकार वार्ता में मायावती ने कहा कि दलित वोट अभी भी उनके साथ ही है. हालांकि माया ने ये ज़रूर कहा कि इस बार उन्हें सवर्ण और मुस्लिम वोट नहीं मिला. मायावती ने यह भी कहा कि पिछले चुनाव के मुक़ाबले यूपी में उनकी पार्टी के वोट बढ़े हैं.


मायावती ने कहा कि इस बार हमें उत्तर प्रदेश में लगभग एक करोड़ 60 लाख वोट प्राप्त हुए हैं. हमें पिछली बार से लगभग नौ लाख वोट ज़्यादा प्राप्त हुए हैं. इस बार हमने पूरे देश में लगभग 2 करोड़ 30 लाख वोट हासिल कर तीसरा सबसे ज़्यादा वोट प्रतिशत हासिल किया है.”

मायावती ने कहा कि भले ही इस बार के लोकसभा चुनावों में हमारी पार्टी को एक भी सीट क्यों न मिली है. लेकिन ये बात स्पष्ट है कि पूरे देश में हमारी पार्टी का जनाधार बरक़रार है.

मायावती ने सपा और कांग्रेस पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि जहां तक कांग्रेस व समाजवादी पार्टी का सवाल है, इनके बारे में ये बात किसी से छिपी नहीं है कि इस बार भी रायबरेली और अमेठी सीट पर कांग्रेस के उम्मीदवार के ख़िलाफ़ सपा ने अपना उम्मीदवार खड़ा नहीं किया था.

उन्होंने कहा कि जिन पांच लोकसभा सीटों पर सपा चुनाव जीती है उनमें से तीन पर कांग्रेस ने अपना प्रत्याशी खड़ा नहीं किया था. बाक़ी दो सीटों में एक फ़िरोज़ाबाद में कांग्रेस के प्रत्याशी को क़रीब सात हज़ार जबकि आज़मगढ़ से कांग्रेस प्रत्याशी को क़रीब सत्रह हज़ार वोट ही मिले. तब जाकर सपा अपने परिवार की पांचों सीटों को जीत पाई.

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों में से 71 सीटों पर भाजपा ने जीत दर्ज की है जबकि दो पर उसके सहयोगी अपना दल के उम्मीदवार जीते हैं. राज्य में कांग्रेस को दो और समाजवादी पार्टी को पांच सीटें मिलीं.

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