नेताजी के लिये मोदी आएंगे आगे

कोलकाता | संवाददाता:नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत का राज जानने के लिये अब गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी आगे आ सकते हैं. मोदी की कोलकाता यात्रा के दौरान नेताजी के परिजनों ने उनसे मुलाकात की थी और इस बारे में उनसे हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया था.

गौरतलब है कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मृत्यु को लेकर लंबे समय से बहस चलती रही है. केंद्र सरकार समेत एक बड़ा वर्ग मानता है कि नेताजी की मौत एक विमान दुर्घटना में 18 अगस्त 1945 को जापान में हुई थी, लेकिन उससे संबंधित कोई स्पष्ट दस्तावेज सामने नहीं आ सके. इसके अलावा गुमनामी बाबा जैसे कई लोगों का नाम नेताजी के बतौर सामने आता रहा है. नेता जी पर बनायी गई दो जांच आयोग ने कहा कि नेता जी की मौत 18 अगस्त 1945 को हुई थी. लेकिन जस्टिस मुख़र्जी कमीशन ने यह मानने से इंकार कर दिया कि उनकी मृत्यु उस विमान दुर्घटना में हुई थी.


अब नेताजी के परिवार के 24 सदस्यों ने नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिख कर इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है. इस पत्र में नेता जी के परिजनों ने लिखा है कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस पूरे राष्ट्र के थे, इसलिए हम प्रधानमंत्री से यह मांग करने में आपसे सहयोग की अपील करते हैं कि केंद्र सरकार को सभी रिकॉर्ड सार्वजनिक दायरे में जारी करने चाहिए ताकि उनके बारे में रहस्योद्घाटन में मदद हो और इस अध्याय को समाप्त किया जा सके.

इस पत्र में कहा गया है कि हम यह विषय आपकी जानकारी में लाने के लिए मजबूर हुए हैं क्योंकि केंद्र सरकार का रवैया प्रतिकूल रहा है. उदाहरण के लिए मुखर्जी आयोग की रिपोर्ट को यूपीए सरकार ने खारिज कर दिया था जिसके लिए संसद में पेश कार्रवाई रिपोर्ट यानी एटीआर में कोई वजह भी नहीं बताई गई.

माना जा रहा है कि नेताजी के परिजनों के बहाने मोदी को बंगाली समाज में हस्तक्षेप का बेहतर अवसर मिला है और वे इस अवसर को किसी भी हाल में अपने हाथ से जाने नहीं देंगे. अगर आने वाले दिनों में नरेंद्र मोदी सुभाष चंद्र बोस की मौत की जांच को लेकर कोई राजनीतिक आंदोलन या बयानबाजी शुरु कर दें तो इसमें आश्चर्य नहीं होना चाहिये.

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