सुब्रत रॉय पुलिस हिरासत में

लखनऊ | एजेंसी: सहारा समूह प्रमुख सुब्रत राय ने उत्तर प्रदेश पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है. इससे पहले बुधवार 26 तारीख को सर्वोच्च न्यायालय ने उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया था, लेकिन पुलिस गुरुवार को उन्हें गिरफ्तार करने में नाकाम रही थी. रॉय को चार मार्च को सर्वोच्च न्यायालय के सामने पेश होना है.

उनका आत्मसमर्पण मीडिया को दिए बयान के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि वह फरार नहीं हैं और इसके साथ ही उन्होंने पुलिसकर्मियों से न्यायालय के निर्देश के अनुसार काम करने का अनुरोध किया था. राय ने गुरुवार को न्यायालय को बताया था कि वह जानबूझ कर उपस्थिति से नहीं बचे थे.

उन्होंने मीडिया से कहा, “मैं वह इंसान नहीं हूं, जो फरार हो जाए. वास्तव में एक कानून-पालक नागरिक होने के नाते अगर मैं कोई भी ऐसा काम करूंगा तो मुझे अपने आप से घृणा होगी.”

सर्वोच्च न्यायालय ने उनके पेश न होने की सूरत में 26 फरवरी को उनके खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी किया था.

राय की अनुपस्थिति को गंभीरता से लेते हुए न्यायालय ने कहा, “इस न्यायालय के हाथ बहुत लंबे हैं. हम वारंट जारी करेंगे. यह देश का सर्वोच्च न्यायालय है. जब सभी निदेशक उपस्थित हैं, वह यहां क्यों नहीं आ सकते?”

राय ने कहा कि वह अपनी 90 वर्षीय बीमार मां के साथ रहना चाहते थे इसलिए उपस्थित नहीं हो पाए. उन्होंने शुक्रवार को जारी विज्ञप्ति में कहा, “पिछले शाम को मैं अपनी मां की मेडिकल रिपोर्ट ले कर सहारा शहर, लखनऊ से बाहर चिकित्सकों से एक पैनल के पास सलाह-मशविरा के लिए गया था, उसके बाद मैं वकील के घर भी गया था.”

उन्होंने कहा, “लौटने पर मेरे परिवार ने बताया कि पुलिस आई थी और पुलिस ने मीडिया से कुछ बातें भी की थी और उसके बाद देशभर की मीडिया ने यह कहना शुरू कर दिया कि मैं फरार हो गया हूं. क्या मैं फरार हूं? मुझे खुद से घृणा होने लगी है.”

गौरतलब है कि निवेशकों के 20,000 करोड़ रुपये लौटाने के आदेश की अवहेलना पर उनके खिलाफ अवमानना का मामला चल रहा है.

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