आरुषि के माता-पिता को उम्रकैद

गाज़ियाबाद | संवाददाता: आरुषि-हेमराज हत्याकांड मामले में सीबीआई अदालत ने तलवार दंपत्ति को उम्र कैद की सज़ा सुनाई है. उन्हें धारा 201 के तहत (सबूत मिटाने) 5-5 साल की सजा और धारा 203 (जांच भटकाने के लिए) के तहत एक साल की सजा भी सुनाई गई है

इससे पहले मंगलवार को हुई बहस के दौरान सीबीआई ने तलवार दंपत्ति के लिए मृत्युदंड की मांग की. सरकारी वकील आर.के. सैनी का कहना था कि यह मामला `रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ यानी जघन्यतम श्रेणी में आता है, क्योंकि मई 2008 में आरुषि और नौकर हेमराज की तलवार दंपति ने नोएडा स्थित घर में न सिर्फ हत्या की बल्कि उनके गलों को भी रेत दिया था.


सीबीआई का यह भी कहना था कि दंपत्ति ने खून करने के साथ सारे सुबूतों को मिटाने की कोशिश भी की थी, इसीलिए उन्हें फांसी से कम सज़ा नहीं होनी चाहिए.

वहीं, तलवार के वकीलों ने न्यायालय से कम सजा की मांग की. उनका कहना था कि तलवार दंपत्ति ने अपनी बेटी तो खोई है ही, साथ ही उनके परिवार का कोई अपराधिक रिकॉर्ड भी नहीं है इसीलिए उन्हें कम से कम सज़ा दी जानी चाहिए.

इससे पहले सोमवार को सीबीआई की विशेष अदालत ने डॉ. राजेश तलवार और उनकी पत्नी डॉ. नुपूर तलवार को आरुषि और हेमराज की हत्या का दोषी ठहराया था. अदालत ने उन्हें भारतीय दंड विधान की धारा 302, 201 और 34 के तहत दोषी माना था. डॉ. तलवार को अलग से धारा 203 के तहत भी दोषी माना गया.

आरुषि हत्याकांड – क्या था मामला:

मई 15-16 2008 की दरमियानी रात 14 वर्षीय आरुषि तलवार की हत्या उसके कमरे में कर दी गई. बाद में अगली सुबह घरेलू नौकर हेमराज का शव मकान की छत पर बरामद हुआ था. मामले की जाँच पहले नोएडा पुलिस कर रही थी लेकिन बाद में केस सीबीआई को सौंप दिया गया था.

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