तंदूर कांड में सुशील शर्मा को राहत

नई दिल्ली | संवाददाता: दिल्ली के तंदूर हत्याकांड के आरोपी सुशील शर्मा की फांसी की सज़ा को सुप्रीम कोर्ट ने उम्रकैद में बदल दिया है. इससे पहले मामले में एक निचली अदालत ने दिल्ली यूथ कांग्रेस के पूर्व नेता सुशील शर्मा को अपनी पत्नी नैना साहनी की हत्या करने का आरोपी ठहराते हुए फांसी की सज़ा सुनाई थी.

इस फैसले के खिलाफ सुशील शर्मा दिल्ली हाईकोर्ट गया था लेकिन वहां भी निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा गया. उच्च न्यायालय के इस फैसले के बाद यह मामला सुप्रीम कोर्ट आया था जिसने पिछले महीने इस फैसले को सुरक्षित रख लिया.


मंगलवार को मामले की सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस पी. सतशिवम की अध्यक्षता वाली पीठ ने शर्मा के कृत्य को क्षणिक आवेश में किया गया हुआ माना और उसे `रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ यानी दुर्लभतम अपराध की श्रेणी से बाहर रखते हुए फांसी के फैसले को उम्रकैद में बदल दिया.

उल्लेखनीय है कि सुशील शर्मा ने जुलाई, 1995 में अवैध संबंधों के शक में अपनी पत्नी नैना साहनी की गोली मारकर हत्या कर दी थी और फिर उसके शव को दिल्ली के बगिया रेस्तरां में तंदूर में जलाने की कोशिश की थी.

इस बीच मामला सामने आ गया और पुलिस ने तंदूर से नैना का अधजला शव बरामद करते हुए रेस्तरां के मैनेजर केशव कुमार को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया था, जबकि शर्मा की गिरफ्तारी कुछ दिन बाद हुई थी.

सुशील शर्मा गिरफ्तार किए जाने के बाद से ही जेल में बंद है और इस ताजे फैसले के बाद उसे अपनी बाकी जिंदगी जेल में ही बितानी होगी.

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