टाटा-सिंगापुर एयरलाइंस के उपक्रम को मंजूरी

नई दिल्ली | एजेंसी: केंद्र सरकार ने गुरुवार को टाटा संस और सिंगापुर एयरलाइंस को करीब 10 करोड़ डॉलर के निवेश के साथ संयुक्त उपक्रम वाली विमानन कंपनी स्थापित करने की मंजूरी दे दी.

विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) ने दोनों कंपनियों की नई दिल्ली में पूर्ण सेवा विमानन कंपनी स्थापित करने की योजना को मंजूरी दे दी है. आर्थिक मामलों के सचिव अरविंद मायाराम ने संवाददाताओं से कहा कि सौदे को मंजूरी दे दी गई है.

सरकार ने पिछले साल घरेलू विमानन कंपनी में विदेशी विमानन कंपनी को 49 फीसदी तक निवेश करने की अनुमति दी थी. उसके बाद यह तीसरा मौका है जब एफआईपीबी ने घरेलू विमानन क्षेत्र में विदेशी विमानन कंपनी के निवेश को मंजूरी दी है. एफआईपीबी ने इससे पहले जेट-एतिहाद और टाटा-एयरएशिया सौदे को मंजूरी दी थी.

इससे पहले टाटा संस ने इसी साल मलेशिया की विमानन कंपनी एयरएशिया के साथ भी किफायती विमानन सेवा के लिए संयुक्त उपक्रम में प्रवेश किया है, जाजे नागरिक उड्डयन महानिदेशक से संचालन लाइसेंस हासिल करने की प्रक्रिया में है. इसका संचालन चेन्नई से होगा.

ताजा मंजूरी के बारे में टाटा संस के एक प्रवक्ता ने कहा कि अभी तक कंपनी को एफआईपीबी से औपचारिक सूचना नहीं मिली है. उन्होने कहा, “हमें एफआईपीबी से सूचना मिलने का इंतजार है. हमें हालांकि एफआईपीबी द्वारा प्रस्तावित विमानन कंपनी को मंजूरी दिए जाने की खबर सुनकर खुशी हुई है.”

दोनों कंपनियों ने पिछले महीने 10 करोड़ डॉलर के साथ एक विमानन कंपनी शुरू करने के लिए एक सहमति समझौते पर हस्ताक्षर किए थे और एफआईपीबी के समक्ष अनुमति के लिए आवेदन किया था.

वैश्विक परामर्श कंपनी केपीएमजी के विमानन एवं रक्षा मामलों के साझेदार एवं प्रमुख अंबेर दूबे ने कहा, “इससे वैश्विक निवेशक समुदाय को बहुत सकारात्मक संदेश मिलेगा.” उन्होंने कहा, “टाटा-एसआईए में 2015 तक भारत की तीसरी सबसे बड़ी विमानन कंपनी बनने की क्षमता है.”

प्रस्तावित विमानन कंपनी में बहुमत 51 फीसदी हिस्सेदारी टाटा संस के पास रहेगी, शेष 49 फीसदी हिस्सेदारी सिंगापुर एयरलाइंस के पास होगी. प्रस्तावित कंपनी के बोर्ड में शुरू में तीन निदेशक होंगे. दो की नियुक्ति टाटा संस करेगी, एक की सिंगापुर एयरलाइंस करेगी.

इससे पहले भी टाटा संस और सिंगापुर एयरलाइंस ने विमानन सेवा के लिए संयुक्त उपक्रम स्थापित करने की कोशिश की थी, जो परवान नहीं चढ़ पाई थी.

उल्लेखनीय है कि देश की पहली यात्री विमानन कंपनी टाटा एयरलाइंस थी, जिसने 1932 में पहली उड़ान भरी थी. 1953 में इसका राष्ट्रीयकरण कर इसे एयर इंडिया का नाम दिया गया. देश में अभी छह सूचीबद्ध विमानन कंपनी हैं : एयर इंडिया, जेट एयरवेज, जेटलाइट, स्पाइसजेट, इंडिगो और गोएयर. पिछले साल किंगफिशर एयरलाइंस का संचालन लाइसेंस रद्द हो गया है.

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