आतंकी अब्दुल करीम टुंडा गिरफ्त में

नई दिल्ली: देश के 20 सबसे वांछित अपराधियों में शामिल अब्दुल करीम टुंडा दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया है. टुंडा को भारत-नेपाल बॉर्डर पर भारत में प्रवेश करने की कोशिश करते वक्त गिरफ्तार किया गया और उसे शनिवार सुबह दिल्ली की एक अदालत में पेश भी कर दिया गया है.

टुंडा आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैय्यबा का बम एक्सपर्ट है और इसके तार अंडरवर्ल्ड डॉन दाउद इब्राहिम और भारत से सबसे वांछित अपराधी हाफिज़ सईद से जुड़े हुए हैं. ये लश्कर-ए-तैय्यबा के अलावा जैश-ए-मोहम्मद और जमात-उद-दावा जैसे खूंखार आतंकी संगठनों से भी जुड़ा रहा है.


टुंडा का नाम उस डोज़ियर में 15वें स्थान पर शामिल था जिसे भारत ने पाकिस्तान को 26/11 के मुंबई आतंकी हमले के बाद सौंपा था.

इससे पहले साल 2000 से 2005 के बीच में ये माना जाता था कि टुंडा मर चुका है, लेकिन 2005 लश्कर के चीफ कॉर्डिनेटर अब्दुल रजाक मसूद ने गिरफ्तारी के बाद खुलासा किया था कि टुंडा अभी भी जिंदा है.

अब्दुल करीम टुंडा का नाम सबसे पहले 1993 के मुंबई बम धमाकों के बाद सामने आया था. इस पर भारत में 33 क्रिमिनल केस और 40 धमाकों के आरोप हैं.

इसके अलावा टुंडा पर नई दिल्ली, पानीपत, सोनीपत, लुधियाना, कानपुर और वाराणसी में दिसंबर, 1996 से जनवरी, 1998 के बीच 40 से अधिक बम धमाकों की साजिश रचने का आरोप है. यहीं वजह है कि पिछले दो दशकों से भारतीय सुरक्षा एजेंसियां टुंडा की तलाश में लगी हुई थीं.

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