मछली खाना हो सकता है जानलेवा

रायपुर | संवाददाता: आप जिस मछली को खा रहे हैं, उसमें कैंसरकारक फार्मलिन हो सकता है. मछलियों को ताज़ा रखने और सड़न से बचाने के लिये इस फार्मलिन का उपयोग होता है. मछलियों को ताज़ा रखने के लिये इन्हें फार्मलिन के घोल में डूबा कर बर्फ में रखा जाता है.

इसके अलावा मछलियों में हेवी मेटल्स मरकरी, लीड और कैडमियम भी हो सकते हैं. लेकिन छत्तीसगढ़ सरकार ने इस मामले में किसी तरह की जांच की ज़रुरत अब तक नहीं समझी है.


पिछले सप्ताह बिहार की राजधानी पटना में लिये गये 10 मछलियों के सैंपल में से 7 में यह खतरनाक तत्व पाये गये हैं. खाद्य एवं सुरक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बाहर से आने वाली मछलियों में ये सारे तत्व पाये गये हैं, जो जानलेवा साबित हो सकते हैं.

चिकित्सकों का कहना है कि फॉर्मलीन से तत्काल तौर पर कई तरह की एलर्जी हो सकती है. आंख, गला, चमड़ी और पेट में जलन की समस्या सामने आ सकती है. इसके अलावा अगर इसके दीर्घकालीन प्रभाव को देखें तो यह किडनी, लिवर का कैंसर पैदा कर सकता है.

इससे पहले भी बिहार सरकार ने पिछले साल इसी तरह की एक जांच रिपोर्ट के बाद 1 अक्टूबर 2018 से आंध्र प्रदेश से आने वाली मछलियों पर रोक लगा दी थी. यह प्रतिबंध कोच्ची की Central Marine Fisheries Research Institute (CMFRI) की जांच रिपोर्ट के बाद लागू किया गया था.

यह दिलचस्प है कि बिहार में आई इस रिपोर्ट के बाद भी अब तक छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य विभाग ने राज्य में ऐसी किसी जांच की ज़रुरत नहीं समझी है. खाद्य एवं सुरक्षा विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि मैदानी अमले की कमी के कारण इस तरह की जांच अब तक नहीं की गई है. उन्होंने कहा कि विभाग जल्दी ही इसकी जांच करायेगा.

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