रोमिंग मुफ्त नहीं, दरें हुईं कम

नई दिल्ली: टेलीकॉम रेग्युलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (ट्राई) ने स्पष्ट कर दिया है कि रोमिंग सुविधा पूरी तरह से शुल्क मुक्त नहीं की जाएगी. ट्राई अध्यक्ष राजेश खुल्लर ने कहा है कि फिलहाल रोमिंग शुल्क खत्म करना व्यवसायिक दृष्टि से बिल्कुल भी सही नहीं होगा क्योंकि ऐसा करने से टेलीकॉम कंपनियां अपनी लागत भी पूरी नहीं कर पाएंगी.

ट्राई का ये मत दूरसंचार मंत्री कपिल सिब्बल के मार्च में दिए गए उस बयान से बिल्कुल मेल नहीं खाता है जिसमें उन्होंने कहा था कि अक्टूबर माह से देशभर में रोमिंग शुल्क हटा लिए जाएंगे जिसका दूरसंचार सेवा प्रदाता कंपनियों ने विरोध किया था. अब ट्राई ने मुफ्त रोमिंग की संभावनाएं भले ही नकार दी हों लेकिन उसने उपभोक्ताओं का ध्यान रखते हुए मौजूदा रोमिंग दरों को कम करने के निर्देश भी दिए हैं.

ट्राई के नए निर्देशों के मुताबिक आगामी 1 जुलाई से उपभोक्ताओं को रोमिंग के लिए कम पैसे खर्च करने होंगे. रोमिंग पर इनकमिंग कॉल की दरें मौजूदा 1.75 रुपए प्रति मिनट से घटाकर .75 रुपए प्रति मिनट कर दिया गया है. वहीं एसटीडी कॉल के लिए 2.40 रुपए प्रति मिनट की जगह 1.50 रुपए प्रति मिनट देने होंगे.

रोमिंग के दौरान एसटीडी एसएमएस भेजने के लिए 1.50 रु. प्रति एसएमएस और लोकल एसएमएस के लिए 1 रु. प्रति एसएमएस चुकाने होंगे. इसके अलावा ट्राई ने अपने नए निर्देश में टेलीकॉम सेवा प्रदाता कंपनी (ऑपरेटर) के राष्ट्रीय रोमिंग प्लान बनाने की सुविधा भी दी है जो वह स्पेशल टैरिफ वाउचर (एसटीवी) और कॉम्बो वाउचर के जरिए कर पाएंगे.

ट्राई ने ये नए निर्देश 2012 की नेशनल टेलीकॉम पॉलिसी के अनुसार दिए हैं. इस पॉलिसी में रोमिंग शुल्क पूरी तरह से समाप्त करने और मोबाइल ग्राहकों को एक ही नंबर देशभर में इस्तेमाल करने की अनुमति देने का प्रावधान है.

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