गिरफ्तार तृणमूली सांसद कुणाल अदालत में पेश

कोलकाता | एजेंसी: मॉ माटी मानुष पार्टी के निलंबित सांसद कुणाल घोष को रविवार को कड़ी सुरक्षा के बीच पश्चिम बंगाल की एक अदालत में पेश किया गया. राज्य पुलिस सुबह को कुणाल घोष के शहर स्थित आवास की तलाशी भी ली. बताया जाता है कि इस तलाशी में एक कम्प्यूटर तथा उसका डिस्क बरामद हुआ है जिसे पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है.

शारदा समूह के मीडिया व्यवसाय के मुख्य कार्यकारी अधिकारी घोष को शनिवार रात को गिरफ्तार किया गया था. उनके ऊपर भारतीय दंड संहिता की धारा 420 धोखाधड़ी, 406 विश्वास का आपराधिक भंग और 120बी षड्यंत्र का मामला दर्ज किया गया है.


उनकी गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने कहा कि उनके पास इस बात के पर्याप्त साक्ष्य हैं कि “घोष ने सुदीप्तो सेन शारदा समूह के प्रमोटर और घोटाले के प्रमुख आरोपी के अधिकांश गलत कार्यों में बराबर की भूमिका निभाई थी.”

एक पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी दी. बिधाननगर के उपायुक्त, गुप्तचर विभाग अर्नब घोष ने बताया, “कुणाल घोष को शनिवार को गिरफ्तार कर लिया गया. वह अब हमारी हिरासत में हैं.”

अर्नब ने आगे बताया, “अब तक हुए जांच में हमें इस बात के सबूत मिले हैं कि वह शारदा समूह के अध्यक्ष सुदिप्ता सेन एवं अन्य लोगों के साथ साजिश रचने वालों में शामिल थे.”

पत्रकारिता से राजनीति में आए कुणाल शारादा मीडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी थे, और उन्हें शारदा मीडिया समूह की ही कंपनी ‘ब्रॉडकास्ट वर्ल्डवाइड’ के महाप्रबंधक द्वारा दर्ज कराए गए एक प्रकरण में गिरफ्तार किया गया.

राज्यसभा सांसद कुणाल द्वारा अर्नब घोष के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराए जाने के कुछ ही घंटों के अंदर ही गिरफ्तारी हुई. सांसद ने उपायुक्त के खिलाफ दायर प्राथमिकी में आरोप लगाया है कि अर्नब शारदा चिट फंड घोटाले में उन पर बयान देने के लिए दबाव डाल रहे थे और उन्हें ब्लैकमैल कर रहे थे.

इस बीच सांसद कुणाल घोष ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को भी एक पत्र भेजकर इस मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो से कराए जाने की मांग की.

शारदा चिट फंड घोटाला

ममता बनर्टी की सरकार बनने का बाद इस घोटाले का पश्चिम बंगाल में पर्दाफाश हुआ है. आरोप है कि इसमें तृणमूल कांग्रेस के लोग भी शामिल हैं. इस चिट फंड कंपनी द्वारा छोटे निवेश कों से पैसा जमा कराया गया था. जब लौटाने की बारी आयी तो कंपनी ने अपने हाथ खड़े कर लिये. एक अनुमान के अनुसार इसमें 2,460 करोड़ का घोटाला हुआ है. घोटाले के पर्दाफाश के बाद इसके चेयरमैन सुदीप्त सेन को गिरफ्तार कर लिया गया था. उसी समय से कयास लगाये जा रहे थे कि इस घोटाले में संलग्न नेताओं की गिरफ्तारी होगी.

पश्चिम बंगाल पुलिस और ईडी की इस संयुक्त जांच रिपोर्ट के मुताबिक, 2008 से 2012 की ग्रुप की समरी रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि ग्रुप की चार कंपनियों ने अपनी पॉलिसियां जारी करके 2459 करोड़ रुपये को ठिकाने लगाया है. इन्वेस्टर्स को 476.57 करोड़ रुपये का पेमेंट हुआ. 16 अप्रैल 2013 तक निवेशकों को 1983.02 करोड़ रुपये का प्रिंसिपल अमाउंट दिया जाना बाकी था. निवेशकों की ओर से अब तक 560 शिकायतें दाखिल की गई हैं. इस घोटाले का खुलासा इस साल की शुरुआत में हुआ था.

पुलिस हिरासत

शारदा समूह चिटफंड घोटाले में गिरफ्तार तृणमूल कांग्रेस के निलंबित सांसद कुणाल घोष को रविवार को पश्चिम बंगाल की एक अदालत ने पांच दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया.

बिधाननगर के अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने घोष की जमानत याचिका खारिज करते हुए उन्हें पांच दिनों की पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया.

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