अमरीकी सलाह संयम बरतें भारत-पाक

वाशिंगटन | समाचार डेस्क: म्यांमार की घटना के बाद भारत-पाक के बीच उभरे तनाव पर अमरीका ने दोनों पक्षो को संयम बरतने की सलाह दी है. अमरीकी प्रतिनिधि ने म्यांमार की घटना पर अपनी टिप्पणी देने से बचते हुये संवाददाताओं से कहा कि अमरीका क्षेत्र में शांति चाहता है. म्यांमार में उग्रवादियों के खिलाफ की गई भारत की कार्रवाई के बाद जहां पाकिस्तान और भारत के बीच बयानबाजियां शुरू हो गई हैं, वहीं अमरीका ने इस कार्रवाई पर किसी तरह की प्रतिक्रिया देने से इंकार करते हुए कहा कि दोनों देशों को संयम बरतना चाहिए और तनाव कम करने तथा बातचीत शुरू करने की दिशा में कदम उठाने चाहिए.

अमरीकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जेफ राथके ने संवाददाताओं के एक सवाल के जवाब में कहा, “मैं ऐसे खास अभियान पर कोई बयान नहीं दूंगा. लेकिन हम भारत और पाकिस्तान को तनाव कम करने और वार्ता दोबारा शुरू करने की दिशा में कदम उठाने को प्रोत्साहित करते हैं.”

उनसे पूछा गया था कि क्या अमरीका, भारत की ओर से म्यांमार की सीमा में की गई कार्रवाई से चिंतित है, जिससे पाकिस्तान में नाराजगी का भाव है.

राथके ने कहा, “भारत और पाकिस्तान का संबंध दक्षिण एशिया में शांति और स्थायित्व के लिए महत्वपूर्ण है, इसलिए हम भारत और पाकिस्तान द्वारा तनाव कम करने तथा वार्ता शुरू करने की दिशा में उठाए जाने वाले कदमों का स्वागत करते हैं.”

उन्होंने कहा, “हम भारत और पाकिस्तान को इस दिशा में कदम उठाने के लिए प्रोत्साहित करते हैं. हमारा मानना है कि हिंसक चरमपंथ और आतंकवाद के खतरे का सामना करने में भारत और पाकिस्तान, दोनों का हित है.”

क्या अमरीका ने म्यांमार कार्रवाई के बाद भारत तथा पाकिस्तान से तनाव कम करने को लेकर आधिकारिक रूप से संपर्क किया है, इस पर राथके ने कहा, “हमने दोनों पक्षों को तनाव कम करने के लिए प्रोत्साहित किया है.”

प्रवक्ता ने गैर-सरकारी संगठन ‘सेव द चिल्ड्रेन’ पर पाकिस्तान द्वारा प्रतिबंध लगाने पर चिंता जताई.

राथके ने हालांकि, यह नहीं कहा कि इस मुद्दे पर पाकिस्तान के साथ चर्चा हुई है या नहीं, लेकिन उन्होंने कहा कि यह अमरीका के लिए चिंता का विषय है.

इससे पहले विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जॉन किर्बे ने एक बयान में कहा था कि अमरीका, पाकिस्तान की तरफ से अंतर्राष्ट्रीय गैर-सरकारी संगठन पर प्रतिबंध लगाए जाने से चिंतित है.

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