मर्केल फोन टैपिंग में फंसी अमरीका

बर्लिन | एजेंसी: जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल के व्यक्तिगत फोन को टेप करने के मामले में अमरीका बुरी तरह से फंस गई है. अमरीका की राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी पिछले एक दशक से एंजेला मर्केल का फोन टेप करवा रही थी. इतना ही नही अमरीका अपने बर्लिन स्थित दूतावास से जर्मन संसद की भी जासूसी करता आया है.

हैरत की बात है कि अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा को यह पता नही था कि उनकी एजेंसी जर्मन के चांसलर का फोन टेप कर रही थी. इस घटना से अमरीकी की दुनिया भर में खूब भद्द हो रही है. गौर तलब है कि जर्मन, अमरीकी खेमे का देश है उसके बावजूद फोन टेपिंग करवाना जर्मनी को नागावर गुजरा है. बताया जा रहा है कि जर्मनी के खुफिया विभाग के प्रमुख इस बाबत बात करने के लिये अमरीका जाने वाले हैं.

अमरीका के राष्ट्रपति ओबामा ने कहा है कि यदि उन्हें इस बात की जानकारी होती तो वे इसे बंद करवा देते. खबर है कि उन्होंने जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल से माफी मांगी है. अमरीका पर आरोप है कि वह दुनिया भर के देशो के प्रमुखो का फोन टेप करवाती रही है. बताया जाता है कि अमरीकी खुफिया सूची में 35 प्रमुखो के नाम शामिल हैं.

जर्मनी के चांसलर एंजेला मर्केल के फोन को टेप करने से अमरीका की इतनी भद्द हुई है जितना वाटरगेट कांड के समय भी नही हुआ था.


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