अमरीका ने कश्मीर हमले की निंदा की

वाशिंगटन | एजेंसी: कश्मीर में शुक्रवार को हुए आतंकवादी हमलों की अमरीका ने कड़ी निंदा की है. अमरीका ने कहा है कि आतंकवाद को परास्त करने के लिए वह भारत के साथ घनिष्ठ साझेदारी के साथ काम करने के लिए बचनबद्ध है.

विदेश विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने एक बयान में कहा, “कश्मीर में हुए उन आतंकवादी हमलों की अमरीका कड़ी निंदा करता है, जिसमें निर्दोष नागरिक, सैनिक तथा पुलिसकर्मी मारे गए.”

अधिकारी ने कहा, “अमरीका किसी भी रूप में आतंकवाद को शिकस्त देने के लिए भारत के साथ घनिष्ठ साझेदारी में काम करने के लिए बचनबद्ध है.”

उन्होंने कहा, “हमारी सहानुभूति इस निंदनीय हमले से प्रभावित हुए परिवारों के साथ है.”

उल्लेखनीय है कि जम्मू एवं कश्मीर में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोमवार को श्रीनगर में प्रस्तावित सभा से पहले शुक्रवार को आतंकवादियों ने चार हमलों को अंजाम दिया, जिसमें 21 लोग मारे गए. हमले के दौरान आठ सैनिक भी शहीद हुए हैं, जबकि 10 घायल हैं.

जम्मू एवं कश्मीर में विधानसभा चुनाव पांच चरणों में हो रहे हैं, जो 25 नवंबर से शुरू हुए हैं और 20 दिसंबर तक चलेंगे.

अमरीकी विदेश विभाग की प्रवक्ता मैरी हार्फ ने कहा, “कश्मीर में हो रही हिंसा को लेकर हम निश्चित तौर पर चिंतित हैं. कश्मीर को लेकर हमारी नीति में कोई बदलाव नहीं आया है.”

उन्होंने कहा, “हमें अभी भी विश्वास है कि कश्मीर को लेकर भारत तथा पाकिस्तान के बीच वार्ता की गुंजाइश है और यह उन्हीं दोनों देशों को निर्धारित करना है.”

हार्फ ने कहा, “दोनों ही जगहों पर अमरीकी दूतावासों ने मेजबान सरकारों के सामने इस तरह की घटनाओं को उठाया है और दोनों को इस मुद्दे पर काम जारी रखने के लिए निश्चित तौर पर उत्साहित किया गया है.”

यह ध्यान दिलाने पर कि यह हमला पाकिस्तानी सेना प्रमुख राहील शरीफ की अमरीकी विदेश मंत्री जॉन केरी से अमरीका में हुई मुलाकात के ठीक बाद हुआ है, उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि आप दोनों चीजों को मिला रहे हैं.

उन्होंने कहा, “हम जानते हैं कि विदेश मंत्री तथा सेना प्रमुख के बीच सुरक्षा संबंधी विभिन्न मुद्दों पर रविवार को फलप्रद वार्ता हुई. कश्मीर में किसी भी प्रकार की हिंसा को लेकर हम चिंतित हैं.”

हमले में पाकिस्तान की भूमिका के बारे में पूछे जाने पर हार्फ ने कहा, “मैं यहां कोई निष्कर्ष नहीं निकालूंगी. लेकिन हमने दोनों देशों को इस मुद्दे पर काम करने के लिए उत्साहित किया है.”

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