विहिप की 84 कोसी परिक्रमा रही फ्लॉप शो

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार के सख्त रवैये के चलते विश्व हिंदू परिषद (विहिप) की प्रस्तावित 84 कोसी परिक्रमा फ्लॉप शो में तब्दील हो गई. रविवार को इस परिक्रमा को लेकर राज्य में काफी गहमागहमी का माहौल रहा लेकिन राज्य सरकार ने विहिप के कई शीर्ष नेताओं अशोक सिंघल, प्रवीण तोगड़िया, नृत्य गोपाल दास व राम विलास वेदांती समेत करीब 1700 लोगों को गिरफ्तार कर विहिप के इरादों पर पानी फेर दिया.

गिरफ्तार होने वालों में विहिप नेताओं के अलावा कई साधु-संत भी शामिल थे जो अयोध्या जाने का प्रयास कर रहे थे. बताया जा रहा है कि इन सभी को 14 दिनों की हिरासत में रखा जाएगा.

सिंघल ने कहा कि सपा सरकार वोटबैंक के लिए हिंदू दमनकारी नीति अपना रही है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने परिक्रमा को मुद्दा बनाया है. विहिप परिक्रमा पूरी करके रहेगी.

सिंघल की गिरफ्तारी के विरोध में विहिप कार्यकर्ताओं ने हवाईअड्डे पर हंगामा किया और पुलिस के साथ धक्का-मुक्की की. इसके बाद 100 से ज्यादा कार्यकर्ताओं को हवाईअड्डे से गिरफ्तार कर पुलिस लाइन भेज दिया गया. परिक्रमा में शामिल होने की कोशिश कर रहे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के दो विधायकों -सावित्री बाई फुले और रामचंद्र यादव- को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया.

उप्र गृह विभाग के सचिव कमल सक्सेना ने कहा कि पहला दिन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा. कहीं कोई अप्रिय घटना नहीं घटी. उन्होंने यह भी कहा कि चूंकि विहिप ने परिक्रमा का फैसला वापस नहीं लिया है, लिहाजा अयोध्या, फैजाबाद सहित आसपास के छह जिलों में सुरक्षा व्यवस्था यथावत लागू रहेगी.

उधर अयोध्या में विवादित जमीन पर अस्थाई राम मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सतेंद्र दास ने विश्व हिंदू परिषद की चौरासी कोसी यात्रा को राजनीतिक मकसद से शुरू की गई बताया है. उन्होंने यह भी कहा है कि इस यात्रा को असमय शुरु कर विहिप ने हिंदु परंपराओं को तोड़ा है.

वहीं कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने भी ट्विटर पर 84 कोसी परिक्रमा पर सवाल किया है कि ‘क्या अयोध्या का मैच फिक्स है?’.

इस बीच भारतीय जनता पार्टी ने भी राज्य सरकार के रवैए पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पूछा है कि संतों को हिन्दुस्तान में परिक्रमा नहीं करने दिया जाएगा तो क्या पाकिस्तान में परिक्रमा करेंगे? अब उत्तरप्रदेश सरकार से नाराज़ विहिप ने सोमवार को देशव्यापी प्रदर्शन करने का फैसला किया है.

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