पुतिन के बाघ से परेशान चीन!

बीजिंग | एजेंसी: चीन के अधिकारी इन दिनों रूसी राष्ट्रपति पुतिन के द्वारा छोड़े गये बाघ से खासे परेशान हैं. उनकी परेशानी का सबब यह है कि रूस में चछो गया बाध इन दिनों रूस-चीन सीमा से होते हुए चीन आ गया है. समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, नेचर रिजर्व के निदेश क चेन झिगेंग ने कहा कि चीन के उत्तर-पश्चिमी हेलोंगजियांग प्रांत के जुओबी में स्थित तैपिनगु नेचर रिजर्व में इस साइबेरियाई बाघ को देखा गया है. गौरतलब है कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इस बाध को पिंजरे से निकालकर जंगल में छोड़ दिया था. कहा जा रहा है कि वही बाघ अब चीन के जंगलों में भटक रहा है.

नेचर रिजर्व के निदेश क चेन झिगेंग ने कहा, “एक रूसी विशेषज्ञ को बुलाया गया है, ताकि वह बाघ की मौजूदगी के बारे में हमें बता सके. हमें उम्मीद है कि हम उसे संरक्षित कर सकेंगे.”


उल्लेखनीय है कि बाघ के ऊपर ट्रैकिंग उपकरण लगा है, जिससे उसकी मौजूदगी का पता चल रहा है. फिलहाल वह चीन-रूस की सीमा के पास हेलोंगजियांग नदी के पास है.

नेचर रिजर्व के निदेश क चेन झिगेंग ने कहा कि रूस ने कर्मियों को भेज दिया है. वह बाघ की तस्वीरें लेने के लिए करीब 60 कैमरे लगाएंगे. वन पुलिस ने स्थानीय नागरिकों को रूसी बाघ से सतर्क रहने के लिए कहा है.

उन्होंने कहा कि रूसी बाघ के लिए भोजन की समस्या नहीं होगी, क्योंकि 20 हजार हेक्टेयर में फैला नेचर रिजर्व जैव विविधता से भरपूर है. इसके बावजूद अगर जरूरत पड़ी तो हम बाघ के भोजन के लिए पशुओं को उस इलाके में छोड़ेंगे.

रूसी मीडिया ने कहा कि पुतिन ने मई में कुज्या नामक बाघ सहित तीन बाघों को रिहा करने का निर्देश दिया था. ट्रैकिंग उपकरण लगे होने की वजह से पता चला कि एक युवा बाघ सीमा पार कर चीन पहुंच गया.

उल्लेखनीय है कि रूस, चीन और कोरियाई प्रायद्वीप में करीब 500 बाघ के होने का अनुमान है. चीन ने अपने यहां सीमाई इलाकों में 18 से 22 साइबेरियाई बाघ के होने की बात कही है. बहरहाल चीनी अधिकारी रूसी राष्ट्रपति पुतिन द्वारा छोड़े गये बाघ से परेशान हैं. उनकी यह परेशानी तब तक बनी रहेगी जब तक साइबेरियाई बाध पकड़ा न जाये.

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