व्यापमं: सीबीआई की 15वीं FIR

भोपाल | एजेंसी: सीबीआई ने व्यापमं घोटाले में 15वीं एफआईआऱ दर्ज कर लिया है. इसी के साथ मध्य प्रदेश राजभवन के पूर्व ओएसडी के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज किया गया है. अपनी एस एफआईआर में सीबीआई ने 38 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है. मध्य प्रदेश के व्यावसायिक परीक्षा मंडल घोटाले की जांच कर रहे केंद्रीय जांच ब्यूरो ने वर्ष 2012 की ‘पुलिस सूबेदार, सब इंस्पेक्टर, प्लाटून कमांडर भर्ती परीक्षा’ में हुई गड़बड़ी के मामले में रविवार को प्राथमिकी दर्ज कर ली. व्यापमं मामले में यह 15वीं प्राथमिकी है. सीबीआई सूत्रों के अनुसार, इस मामले में तत्कालीन तकनीकी शिक्षा मंत्री और राजभवन के पूर्व विशेष कार्य अधिकारी, ओएसडी सहित 38 लोगों को आरोपी बनाया गया है.

सीबीआई सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस भर्ती परीक्षा 2012 में हुई गड़बड़ी को लेकर सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, मध्य प्रदेश परीक्षा मान्यता अधिनियम के अलावा अन्य विभिन्न धाराओं के तहत 38 लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है.

सीबीआई सूत्र ने बताया कि इस मामले में जिन 38 लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज हुआ है, उनमें व्यापमं के तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक पंकज त्रिवेदी, तकनीकी शिक्षा मंत्री के ओएसडी ओ. पी. शुक्ला, राजभवन के ओएसडी धनराज यादव और व्यापमं के सिस्टम एनालिस्ट नितिन महेंद्रा के नाम शामिल हैं.

सर्वोच्च न्यायालय ने नौ जुलाई को व्यापमं की जांच सीबीआई को सौंपी थी. सीबीआई ने 13 जुलाई से मामले की जांच शुरू कर दी है. सीबीआई अब तक कुल 15 प्राथमिकी दर्ज कर चुकी है. जांच एजेंसी ने मामले से संबंधित 20 मौतों को जांच के दायरे में लिया है, जिसमें पत्रकार अक्षय सिंह की मौत भी शामिल है.

सूत्रों के अनुसार, सीबीआई की जांच से पहले तक जांच कर रहे एसटीएफ ने व्यापमं घोटाले में कुल 55 प्रकरण दर्ज किए गए थे, 21 सौ आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है, वहीं 491 आरोपी अब भी फरार हैं. जांच के दौरान 48 लोगों की मौत हो चुकी है.

मामले का खुलासा जुलाई 2013 में हुआ था और उसके बाद जांच का जिम्मा अगस्त 2013 में एसटीएफ को सौंपा गया था. उच्च न्यायालय ने जांच की निगरानी के लिए पूर्व न्यायाधीश चंद्रेश भूषण की अध्यक्षता में अप्रैल 2014 में एसआईटी बनाई. अब मामला सीबीआई के पास है.


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