ब्यास हादसा: शवों की खोज सोनार यंत्र से

मंडी | एजेंसी: ब्यास नदी की जलधारा में बह गए इंजीनियरिग के 16 विद्यार्थियों और एक टूर ऑपरेटर के शव ढूंढने के लिए रविवार को उच्च-प्रौद्योगिकी वाले उपकरण की मदद ली जा रही है. यह उपकरण गाद और शिलाखंडों से पटे नदी तल को बारीकी से खंगाल सकता है.

राष्ट्रीय आपदा कार्य बल के कमान अधिकारी जयदीप सिंह ने बताया, “हमने शवों को ढूंढने के लिए नदी तल की तस्वीरें लेने के लिए साइड स्कैन सोनार लगाए हैं. इस अभियान में हम पहली बार इस उपकरण का उपयोग कर रहे हैं.”


तलाशी अभियान के प्रथम चार दिनों में आठ शव बरामद कर लिए थे. हालांकि, पिछले दो दिनों में कोई शव बरामद नहीं हुआ है.

अधिकारियों ने बताया कि अभी तक बरामद हुए ज्यादातर शव, घटनास्थल थालौट से तीन किलोमीटर के दायरे में या तो नदी की गाद में दबे थे या शिलाखंडों में फंसे हुए थे. घटनास्थल चंडीगढ़-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग-21 पर स्थित है.

यहां डेरा जमाए तेलंगाना के गृह मंत्री नयनी नरसिम्हा रेड्डी ने कहा, “हम अब पंडोह बांध के दरवाजे खुलने की उम्मीद कर सकते हैं, जिससे जलाशय का जलस्तर तेजी से कम हो और अगर शिलाखंडों या गाद एवं ऊपरी सतह पर शव फंसे हों तो ऊपर आ जाएं.”

हादसा पिछले रविवार को उस वक्त हुआ था, जब हैदराबाद से मनाली दौरे पर आया विद्यार्थियों का एक दल, पास में स्थित एक जल विद्युत परियोजना प्रबंधन द्वारा नदी में बिना किसी चेतावनी के छोड़े गए पानी में बह गया.

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