कीचड़ की सफाई करेंगे: केजरीवाल

नई दिल्ली | एजेंसी: अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हम इस कीचड़ में उतर कर इसकी सफाई करेंगे. उन्होंने दिल्ली के रामलीला मैदान में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद कहा कि अन्ना हजारे अक्सर कहते थे कि राजनीति कीचड़ है. केजरीवाल ने कहा कि जब तक इस देश की राजनीति नहीं बदलती यहां की समस्याओं का समाधान नहीं किया जा सकता. अपने भाषण में अरविंद केजरीवाल ने आप की कार्यकर्ता संतोष कोली की शहादत को भी याद किया.

दिल्ली के नए मुख्यमंत्री ने नौकरशाही की चर्चा करते हुए कहा कि सभी नौकरशाह भ्रष्ट नहीं हैं. कुछ लोग भ्रष्ट हैं लेकिन अधिकांश अधिकारी देश और दिल्ली की जनता की सेवा करना चाहते हैं. अपनी पार्टी के विधायकों और मंत्रियों को घमंड नहीं करने की नसीहत देते हुए केजरीवाल ने कहा कि आप का जन्म स्थापित राजनीतिक पार्टियों के घमंड को दूर करने के लिए हुआ. ऐसा न हो कि आप के घमंड को तोड़ने के लिए किसी अन्य राजनीतिक पार्टी का जन्म हो.

आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री के पद की शपथ लेने के बाद जनता को संबोधित करते हुए कहा कि जनता ने जिस तरह से उनका साथ दिया है, वह किसी चमत्कार से कम नहीं है. इसके लिए उन्होंने ईश्वर को धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा कि दिल्ली के डेढ़ करोड़ लोग मिलकर सरकार बना रहे हैं और वे सभी लोग मिलकर इसे चलाएंगे.

दिल्ली की जनता की इच्छाओं और आकांक्षाओं की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि फल तो हमारे हाथ में नहीं है, लेकिन हमें सच्चाई के रास्ते पर चलना है. केजरीवाल ने कहा कि उनको विश्वासमत के पारित होने या गिरने की चिंता नहीं है. विश्वासमत गिरने पर हम फिर जनता के पास जाएंगे. जनता चुनावों के लिए तैयार है. केजरीवाल ने कहा कि यदि देश से भ्रष्टाचार खत्म हो जाए तो देश फिर से सोने की चिड़िया बन सकता है.

केजरीवाल ने उपस्थित लोगों को रिश्वत न तो देने और न ही लेने की कसम खिलाई. इसके बाद अंत में उन्होंने अपनी पार्टी की प्रार्थना गवाई. शपथ ग्रहण समारोह की शुरुआत राष्ट्रगान के साथ की गई और इसके बाद अधिसूचना पढ़ी गई. केजरीवाल को उप राज्यपाल नजीब जंग ने पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई. केजरीवाल ने ईश्वर के नाम पर पद और गोपनीयता की शपथ ली.

केजरीवाल के अलावा मंत्रीमंडल के छह सदस्यों – मनीष सिसौदिया, सोमनाथ भारती, सत्येंद्र जैन, राखी बिड़लान, गिरीश सोनी और सौरभ भारद्वाज ने पद और गोपनीयता की शपथ ली.

गौरतलब है कि राज्य की सबसे बड़ी पार्टी बन कर उभरी भारतीय जनता पार्टी ने बहुमत के अभाव में सरकार बनाने से इंकार कर दिया था, जिसके बाद उप राज्यपाल ने आप को सरकार बनाने का निमंत्रण भेजा था. आप राज्य में दूसरी बड़ी पार्टी बन कर उभरी थी, उसके 28 सदस्य विधानसभा चुनाव में जीत कर आए थे. दिल्ली में कांग्रेस के आठ विधायक आप को सरकार बनाने के लिए बाहर से समर्थन दे रहे हैं.

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