ई-सिगरेट का चलन कम हो: डब्ल्यूएचओ

नई दिल्ली | एजेंसी: अब विश्व स्वास्थ्य संगठन ने युवाओं को ई-सिगरेट से होने वाले नुकसान से आगाह किया है. विश्व में युवाओं के बीच ई-सिगरेट का प्रचलन पिछले कुछ वर्षो में काफी तेजी से बढ़ा है. इसे देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन ने गुरुवार को दुनिया के तमाम देशों से ई-सिगरेट के उपयोग पर नजर रखने के लिए इसके इस्तेमाल के लिए दिशा-निर्देश का निर्माण करने की मांग की.

डब्ल्यूएचओ की प्रतिनिधि एंजेला पट्ट ने कहा कि हाल के वर्षो में ई-सिगरेट की बिक्री में तेजी से इजाफा हुआ है, और हमारे पास इस समय ई-सिगरेट के लंबे इस्तेमाल से स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव से संबंधित कोई अध्ययन मौजूद नहीं है.


पट्ट ने आगे कहा, “पिछेल 12 महीनों में ई-सिगरेट का कारोबार बढ़कर तीन अरब डॉलर पर पहुंच गया है, और ऐसा कहा जा रहा है कि भविष्य में धुम्रपान के लिए ई-सिगरेट का ही इस्तेमाल किया जाएगा.”

पट्ट 21 शताब्दी में सार्वजनिक स्वास्थ्य की प्राथमिकताएं विषय पर आयोजित एक अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित कर रही थीं.

उन्होंने बताया कि अमेरिका में ई-सिगरेट की बिक्री में दोगुना का इजाफा हो चुका है और तंबाकू निर्माण से जुड़ी बड़ी कंपनियां इसके निर्माण की तरफ भी आकर्षित हुई हैं.

ई-सिगरेट निकोटिन प्रदान करने वाला ऐसा इलेक्ट्रॉनिक उपकरण होता है, जिसका उपयोग सीधे तंबाकू के सेवन के वैकल्पिक माध्यम के रूप में किया जाता है.

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