33 देशों में टीबी उन्मूलन का लक्ष्य

रोम | एजेंसी: विश्व स्वास्थ्य संगठन और यूरोपीय श्वसन सोसायटी ने तपेदिक को खत्म करने के लिए गुरुवार को एक नई रूपरेखा प्रस्तुत की. यह रुपरेखा वैसे देशों के लिए है, जहां इस रोग के बेहद कम मामले देखे जाते हैं. दुनिया भर में 33 देश और क्षेत्र हैं, जहां दस लाख की आबादी में टीबी के 100 से भी कम मामले हैं.

सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज हर व्यक्ति को रियायती दर पर स्वास्थ्य सेवा प्रदान करता है.


रूपरेखा का शुरुआती चरण ‘पूर्व-उन्मूलन’ है, जिसका उद्देश्य इन देशों में 2035 तक टीबी के नए मामलों में कमी लाकर इसकी संख्या प्रति वर्ष दस लाखों लोगों में 10 तक पहुंचा देना है.

साल 2050 में पूर्ण रूप से टीबी उन्मूलन का लक्ष्य है, जिसके अनुसार प्रति वर्ष दस लाख लोगों में टीबी के एक से भी कम मामले होंगे.

डब्ल्यूएचओ ने एक बयान में कहा, “टीबी का हालांकि बचाव और इलाज संभव है, फिर भी इन 33 देशों में हर साल 155,000 लोग टीबी के शिकार होते हैं, जिसमें 10,000 लोगों की मौत हो जाती है. लाखों लोग संक्रमित होते हैं और उनके बीमार पड़ने का खतरा होता है.

ईआरएस के प्रोफेसर जी.बी.मिगलियोरी के मुताबिक, “उच्च आय वाले कई देशों में शक्तिशाली एंटीबायोटिक दवाओं और बेहतर रहन-सहन से यह बीमारी खत्म हो चली है. लेकिन हम अभी भी सफल नहीं हुए हैं.”

वह कहते हैं, “लेकिन अगर हम इसे ठीक करने के लिए बीमारी से लड़ने की प्रतिज्ञा करें, तो टीबी लोगों के स्वास्थ्य के लिए खतरा नहीं रह जाएगा.”

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