‘दंगल’ को लेकर कुश्ती शुरू

मुंबई | मनोरंजन डेस्क: एक तरफ बॉक्स ऑफिस में आमिर की फिल्म ‘दंगल’ ने झंडे गाड़ दिये हैं. दूसरी तरफ, उसकी कहानी को लेकर कुश्ती शुरू हो गई है. ‘दंगल’ को लेकर कुश्ती शुरू करने वाले और कोई नहीं वास्तविक जीवन में गीता फोगट तता बबीता फोगट के गुरू प्यारे लाल सोंधी हैं. दरअसल, फिल्म में उनका रोल निगेटिव दिखाया गया है इससे वे खफ़ा हैं. उन्होंने आमिर खान पर केस तक करने की बात कही है.

आनंद बाजार पत्रिका अखबार से बातचीत में उन्होंने कहा, फिल्‍म में उनसे जुड़ी दिखाई गई सभी बातें निराधार है. असल जीवन में ऐसा कुछ भी नहीं है. गीता और बबीता उनकी बेटियों जैसी है और पिछले 15 सालों से महावीर सिंह फोगाट के साथ उनके अच्‍छे रिश्‍ते रहे हैं और वे उनके पुराने दोस्‍त भी हैं.


सोंधी ने निराशा से कहा कि जिनके साथ उनके इतने अच्‍छे संबंध थे उन्‍होंने भी फिल्‍म में उनका सपोर्ट नहीं किया और फिल्‍म में उनके किरदार को ऐसे ही पेश करने दिया.

फिल्म ‘दंगल’ में दिखाया गया है कि फायनल के समय कोच, महावीर सिंह फोगट को एक कमरे में बंद कर देता है. वह जीत का श्रेय खुद लेना चाहता है.

इस पर सोंधी ने आनंद बाजार पत्रिका से कहा, “ये सरासर गलत है. एक नेशनल कोच अगर किसी को कमरे में बंद कर देता तो नेशनल मीडिया उसे कवर जरूर करता. मुझे लगता है कि क्‍लाइमैक्‍स में झूठा सीन फिल्‍माया जा रहा था इसी कारण फिल्‍म की आखिरी सीन की शूटिंग के दौरान मुझे सेट पर नहीं बुलाया गया.”

दरअसल, बॉलीवुड में जब कोई बायोपिक बनाई जाती है तो कहानी को दिलचस्प बनाने के लिये उसमें कई मोड़, कई काल्पनिक किरदार, कुछ मसाले डाल दिये जाते हैं परन्तु मूल कहानी से छेड़छाड़ बिल्कुल भी नहीं किया जाता है. इस फिल्म ‘दंगल’ की कहानी पहलवान महावीर सिंह फोगट के जीवनी पर बनी है. जो खुद कुश्ती का खिताब न जीत पाने पर अपने बेटे को बड़ा पहलवान बनाने का ख्वाब पाल लेते हैं. इस फिल्म का टैगलाइन है, “म्हारी छोरियां छोरों से कम है के?”

जबकि वास्तविक जीवन में उन्हें लड़कियां ही होती है. इससे हार न मानते हुये उन्होंने अपनी बेटियों को ही अंतर्राष्ट्रीय कुश्ती प्रतियोगिता में भाग लेने तथा देश के लिये पदक जीतने लायक बनाने में जुट जाते हैं. जिसमें उन्हें सफलता भी मिलती है. फिल्म में इस कहानी से कोई छेड़छाड़ नहीं किया गया है.

इसके बावजूद भी यदि गीता तथा बबीता फोगट के कोच मामले को अदालत तक घसीटते हैं तो यही कहा जा सकता है कि ‘दंगल’ को लेकर रीयल लाइफ में कुश्ती शुरू हो गई है. जबकि आमिर खान ने अंत तक “म्हारी छोरियां छोरों से कम है के” को ही फिल्माया है.

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