खाद्य सुरक्षा कानून पर डब्ल्यूटीओ की चिंता

नई दिल्ली | एजेंसी: विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के नए महानिदेशक रॉबटरे अजेवेडो ने सोमवार को भारत के नए खाद्य सुरक्षा कानून पर चिंता जाहिर की और कहा कि इससे सब्सिडी का बोझ बढ़ जाएगा. इसके साथ ही उन्होंने नई दिल्ली से कहा कि दिसंबर में इंडोनेशिया के बाली में होने वाली मंत्री स्तरीय बैठक से पहले इसका कोई संतुलित समाधान निकाल लिया जाना चाहिए.

डब्ल्यूटीओ के महानिदेशक का कार्यभार संभालने के बाद भारत की पहली यात्रा पर आए अजेवेडो ने कहा कि खाद्य सुरक्षा एक जटिल मुद्दा है और बाली बैठक में इस पर विस्तार से चर्चा हो सकती है.


ब्राजील निवासी अजेवेडो ने भारत के वाणिज्य और उद्योग मंत्री आनंद शर्मा के साथ एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा, “हम अभी और बाली में मंत्रीस्तरीय सम्मेलन के बीच समाधान खोजेंगे.”

उन्होंने कहा, “लेकिन हम ऐसा समाधान खोजेंगे, जो सभी को संतुलित समाधान लगेगा और सभी के हित में होगा.”

अजेवेडो ने कहा कि 33 गरीब देशों के समूह जी-33 द्वारा पेश किया गया शुरुआती खाद्य सुरक्षा प्रस्ताव विभिन्न कारणों से कई देशों ने खारिज कर दिया था. उन्होंने कहा कि हालांकि आज हम उस बिंदु से काफी आगे बढ़ चुके हैं और इस पर सकारात्मक चर्चा हो सकती है.

शर्मा ने कहा कि जी-33 के प्रस्ताव का समाधान विकासशील देशों में खाद्य सुरक्षा की चुनौतियों के समाधान में डब्ल्यूटीओ का एक प्रमुख योगदान होगा. उन्होंने कहा कि जिन देशों में कृषि वर्षा पर आधारित होती है, वहां सरकार खाद्य सुरक्षा के लिए आम तौर पर सरकारी भंडारण का सहारा लेती है.

शर्मा ने डब्ल्यूटीओ प्रमुख से अनुरोध किया कि वह सभी पक्षों को खाद्य सुरक्षा प्रस्ताव पर सकारात्मक चर्चा के लिए मनाएं.

डब्ल्यूटीओ प्रमुख बाली सम्मेलन का सकारात्मक परिणाम हासिल करने के लिए भारत का सहयोग हासिल करने के लिए नई दिल्ली आए हैं.

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