एड्स : छत्तीसगढ़ में हर दिन 7 की मौत

रायपुर | संवाददाता: छत्तीसगढ़ के एक मंत्री को एड्स होने की खबर तेज़ी से फैली है. पिछले साल भर से कानों-कान फैलने वाली यह खबर सोशल मीडिया में वायरल हुई और फिर कयासों के दौर चलते रहे. विधानसभा के गलियारे से लेकर मंत्रालय तक में चटखारे लिये जाते रहे कि यह मंत्री कौन हो सकता है. खबर की शक्ल में आई यह अफवाह और उस पर चटकारेदार यह खबर अभी भी गरम है.

एचआईवी और एड्स को लेकर छत्तीसगढ़ में संवेदनशीलता का यही हाल है.


इस बहस में कहीं भी यह चर्चा नहीं हुई कि छत्तीसगढ़ में हर दिन सात लोग एचआईवी एड्स से मर जाते हैं. बस्तर से लेकर बलरामपुर तक हर कहीं एड्स के रोगी परेशान हैं और कई बार तो दवा के अभाव में मौत के मुंह में समाते जा रहे हैं.

पिछले कुछ सालों के आंकड़े देखें तो 2008 से 2011 तक छत्तीसगढ़ में हर दिन सात लोग मारे गये हैं. 2008 में 1935 लोग एड्स से मरे तो 2009 में 2087 लोग एड्स के कारण मौत के मुंह में समा गये. 2010 में यह आंकड़ा और बढ़ गया और इस साल छत्तीसगढ़ में 2270 लोग इस बीमारी से मारे गये. 2011 में भी हर साल की तरह राज्य में एड्स से मरने वालों का आंकड़ा बढ़ा और यह 2458 तक जा पहुंचा.

एचआईवी पीड़ितों के लिये काम करने वाले एक चिकित्सक कहते हैं-“देश भर में 21 लाख लोग एचआईवी पॉजिटिव हैं लेकिन एड्स अभी भी हमारे समाज में हिकारत और कई बार तो केवल इसके पीछे की चटखारे भरी कहानियों का विषय है. यही कारण है कि कथित सामाजिक प्रतिष्ठा के चक्कर में इनमें से 11 लाख लोग तो अपने इलाज के लिये भी सामने नहीं आते.”

नेशनल एड्स कंट्रोल आर्गनाइजेशन यानी नाको के 2016-17 के हाई रिस्क ग्रूप के आंकड़े देखें तो छत्तीसगढ़ में एचआईवी हाईरिस्क ग्रूप की संख्या तेजी से बढ़ी है. देह व्यापार करने वाली 18108 महिलाओं के अलावा 2777 पुरुष सेक्स वर्कर्स भी हाई रिस्क ज़ोन में हैं. इसी तरह 2990 इंजेक्टिंग ड्रग यूजर, 627 ट्रांसजेंडर, 82500 प्रवासी और 50000 ट्रक ड्राइवर हाईरिस्क ग्रूप में रखे गये हैं.

लेकिन 17 साल का छत्तीसगढ़ अभी भी एचआईवी के मामले में चर्चा करने से शर्माता है. स्वास्थ्य सुविधाओं का हाल ये है कि एचआईवी पीड़ितों की दवायें सरकार उपलब्ध कराने में असफल साबित होती है. बच्चों की डोज़ महीनों अस्पताल में नहीं रहती. एचआईवी मरीजों की जांच की सुविधाओं के लिये अब भी बड़े शहरों का मुंह ताकना पड़ता है. काश कि हमारी संवेदनशीलता इन सवालों पर भी जागती !

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