एसएसपी से अधिक पर केंद्र मदद नहीं करती-भूपेश

रायपुर | डेस्क: छत्तीसगढ़ के मुख्‍यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि खुद का आंकलन करना बहुत ही मुश्किल होता है. जब किसान और श्रामिको के चेहरे पर मुस्‍कान हो तो समझ लीजिए हमारा काम अच्‍छा चल रहा है. व्‍यापारी, उद्योगपति और आदिवासी सभी प्रदेश में खुश है.

भूपेश बघेल ने कहा कि एक दिसंबर से आधा धान खरीद कर चुके हैं, लेकिन केंद्र सरकार अभी एफसीआई में चावल जमा करने की अनुमति नहीं दी है. भारत सरकार ने हमसे सहमति व्‍यक्‍त की थी कि हम एक लाख 45 हजार का बारदाना देंगे, लेकिन अभी तक एक लाख 5 हजार ही दिए हैं.


उन्होंने कहा कि एमएसपी से ऊपर राज्‍य सरकार किसानों को पैसे नहीं दे सकता, उसके लिए केंद्र सरकार ने अगस्‍त 2014 में कहा कि समर्थन मुल्‍य से ज्‍यादा बोनस देगा तो उसके यहां से अनाज नहीं लिया जाएगा. हालांकि चुनावी साल में इसके लिए छूट दी गई थी.

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने समर्थन मुल्‍य में खरीद की थी और राजीव गांधी योजना के तहत किसानों को 10 हजार रुपये प्रति एकड़ का मुआवजा दिया.मंडी अधिनियम से किसान प्रभावित होंगे और हमने इसमें संशोधन किया. हालांकि अभी तक इसे राज्‍यपाल से मंजूरी नहीं मिली है. हम किसान आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं.

उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह पर आरोप लगाते हुये कहा कि रमन सिंह ने 36 हजार करोड़ का चावल घोटाला कर दिया और कोर्ट में पीआईएल दायर कर इसकी जांच को रोकने की बात कही है.


भूपेश बघेल ने गोबर खरीदी को लेकर कहा कि हमने गरीबों से 2 रुपये किलो गोबर खरीदा है. प्रदेश में करीब 32 लाख क्‍वंटल खरीद चुके हैं और 64 करोड़ पेमेंट कर चुके हैं.

कृषि कानून को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि राहुल गांधी ने सबसे पहले कृषि कानून का विरोध किया और फिर कांग्रेस की सरकारों ने इसके खिलाफ कानून बनाया. राहुल गांधी राष्‍ट्रपति के पास गए और इसका विरोध किया.

भूपेश बघेल ने भाजपा पर प्रहार करते हुये कहा कि हम राम मंदिर के नाम से वोट, चंदा और दंगा नहीं फैलाते. हम राम के नाम पर जोड़ने का काम करते हैं.

उन्होंने कोरोना को लेकर टिप्पणी की कि प्रधानमंत्री ने ताली बजवायी, थाली बजवायी और अंधविश्‍वास फैलाने का काम किया. महाभारत 18 दिन में जीता था और 21 दिन में हम कोरोना से जीत लेंगे, लेकिन देख लिजिए आज क्‍या उपस्‍थिति है.

हमारे यहां सबसे ज्‍यादा स्‍टील उत्‍पादन, कोयला उत्‍पादन, 100 दिन रोजगार देने में दूसरे स्‍थान पर है. हम तो सभी में बेहतर हैं.

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