उपचुनाव में भाजपा का बेहतर प्रदर्शन

नई दिल्ली | डेस्क: मंगलवार को बिहार के साथ-साथ कई राज्यों में हुए उपचुनाव में भी भारतीय जनता पार्टी ने अच्छा प्रदर्शन किया है. 11 राज्यों की 58 विधानसभा सीटों पर हुए चुनाव के नतीजे आ गए हैं.

बीबीसी के अनुसार इनमें से सबसे अहम मध्य प्रदेश को माना जा रहा था जहां इस उपचुनाव के नतीजों पर शिवराज सिंह चौहान सरकार का भविष्य टिका था. पर वहाँ बीजेपी ने 28 सीटों में से 19 सीटों पर जीत हासिल कर आसानी से बहुमत हासिल कर लिया है. कांग्रेस ने 9 सीटों पर जीत दर्ज की है.


राज्य में इस साल मार्च में कांग्रेस के विधायकों ने त्यागपत्र दे दिया था जिससे अल्पमत में आई कमलनाथ सरकार गिर गई थी.

अधिकांश विधायक ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक थे, जो बाद में सिंधिया के साथ बीजेपी में शामिल हो गए.

230 सदस्यों वाली मध्य प्रदेश विधानसभा में बहुमत के लिए 116 सदस्यों का समर्थन ज़रूरी है. उपचुनाव से पहले बीजेपी के पास 107 विधायक थे, जबकि कांग्रेस के पास 87 विधायक थे.

इस जीत पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट किया, ” यह कांग्रेस के झूठ, फ़रेब, दम्भ और अहंकार की पराजय है. सत्य परेशान हो सकता है, किंतु पराजित नहीं. कांग्रेस के नेताओं ने समाज के प्रत्येक वर्ग का अपमान किया. प्रदेश के लोगों का विश्वास कांग्रेस ने तोड़ा, उनके मान-सम्मान और स्वाभिमान को ठेस पहुँचाई, लोगों ने उनसे बदला ले लिया. ”

गृहमंत्री अमित शाह ने बधाई देते हुए ट्वीट किया, ” मध्य प्रदेश उपचुनावों में भाजपा की शानदार जीत पर मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान , प्रदेश अध्यक्ष श्री वीडी शर्मा और मध्यप्रदेश के कर्मठ कार्यकर्ताओं को हार्दिक बधाई. प्रदेश की जनता का भाजपा की विकास-नीति और मोदी जी व शिवराज जी की जोड़ी में विश्वास व्यक्त के लिए धन्यवाद देता हूं. ”

उत्तर प्रदेश में सात विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनावों में बीजेपी ने छह सीटें जीत ली हैं. एक सीट समाजवादी पार्टी के खाते में गई है.

बीजेपी ने बांगरमऊ, देवरिया, बुलंदशहर, नौगांवा सादत, टूंडला और घाटमपुर में जीत दर्ज की है.

मल्हनी सीट सपा के लकी यादव ने जीती है.

प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस जीत का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देते हुए ट्वीट किया, ” उ.प्र. की 07 विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनावों में बीजेपी का प्रदर्शन आदरणीय प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन व प्रेरणा से सम्पन्न हुए सेवा कार्यों का सुफल है. मैं इस उपलब्धि के लिए संगठन व समस्त कार्यकर्ताओं का हार्दिक अभिनंदन करता हूंउत्तर प्रदेश की जनता को हार्दिक धन्यवाद.”

बीजेपी ने तेलंगाना की दुब्बाक विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में भी जीत हासिल की है.

वहाँ बीजेपी उम्मीदवार माधवानेनी रघुनंदन राव की जीत की खूब चर्चा हो रही है क्योंकि ये सीट सत्ताधारी तेलंगाना राष्ट्र समिति यानी टीआरएस का गढ़ मानी जाती रही है.

ये सीट टीआरएस के विधायक रामलिंगा रेड्डी की मृत्यु की वजह से खाली हुई थी.

दुब्बाक का चुनाव सत्ताधारी टीआरएस के लिए प्रतिष्ठा का चुनाव बन गया था क्योंकि इसकी सीमा तीन महत्वपूर्ण विधान सभा सीटों से लगती है.

एक ओर गजवेल है जो मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव की सीट है, दूसरी ओर सिरसिल्ला है जो मुख्यमंत्री के बेटे और आईटी मंत्री केटी राव की सीट है और तीसरी ओर सिद्धिपेट है जो मुख्यमंत्री के भतीजे हरीश राव की सीट है.

इस सीट पर जीत के साथ बीजेपी की राज्य में 2 सीटें हो गई हैं. 2019 के चुनाव में बीजेपी को महज एक सीट पर जीत मिल सकी थी.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस जीत को एतिहासिक बताते हुए ट्वीट कर कहा – ”मैं दुब्बाक के लोगों को धन्यवाद देना चाहता हूं कि उन्होंने बीजेपी को आशीर्वाद दिया. यह एक एतिहासिक जीत है और राज्य की सेवा के लिए हमारी प्रेरणा को ज्यादा मजबूत करती है. हमारे कार्यकर्ताओं ने कड़ी मेहनत की और बीजेपी के विकास के एजेंडे को मजबूत बनाया. ”

बीजेपी ने गुजरात में भी अच्छा प्रदर्शन करते हुए आठ सीटों पर हुए उपचुनाव में सभी सीटें जीत लीं.

गुजरात के मुख्मयंत्री विजय रूपाणी ने कहा है कि ये प्रदर्शन राज्य में होनेवाले विधान सभा चुनावों का ट्रेलर है.

कर्नाटक विधानसभा के उपचुनाव में सत्तारूढ़ बीजेपी ने दोनों सीटें अपने नाम कर ली हैं.

सीरा और आरआर नगर विधानसभा सीट पर तीन नवंबर को उपचुनाव के लिए वोट डाले गए थे.

मणिपुर में पाँच विधानसभा सीटों पर उपचुनाव हुए थे जिनमें चार भाजपा के खाते में गईं. एक सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार की जीत हुई है.

हरियाणा एकमात्र राज्य रहा जहाँ का उपचुनाव बीजेपी के लिए निराशाजनक रहा.

वहाँ बरोदा विधानसभा सीट पर बीजेपी उम्मीदवार योगेश्वर दत्त को कांग्रेस उम्मीदवार इंदु राज नरवाल ने 10 हज़ार मतों से ज़्यादा के अंतर से हराकर इस सीट पर कब्ज़ा बरकार रखा.

ओलंपियन योगेश्वर दत्त बरोदा को राजनीतिक अखाड़े में दूसरी बार चुनावी मात खानी पड़ी.

साल 2019 के विधानसभा चुनाव में योगेश्वर दत्त बरोदा सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार कृष्णा हुडा से 4800 मतों से हार गए थे.

ये सीट इस साल अप्रैल में कृष्णा हुडा की मौत के बाद खाली हो गई थी.

छत्तीसगढ़ की मरवाही सीट कांग्रेस के डॉक्टर केके ध्रुव ने जीत ली है.

ये सीट प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) प्रमुख अजित जोगी के निधन से खाली हुई थी.

झारखंड में दो सीटों पर उपचुनाव हुए थे जिनमें एक सीट कांग्रेस ने तो दूसरी झारखंड मुक्ति मोर्चा ने जीती है.

नगालैंड की दो सीटों पर उपचुनाव हुए थे. इनमें एक सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार की जीत हुई है जबकि दूसरी सीट पर नेशनलिस्ट डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी की जीत हुई है.

ओडिशा में दो सीटों पर उपचुनाव हुए. दोनों ही सीटें सत्ताधारी बीजू जनता दल के खाते में गईं.

बिहार में विधान सभा चुनाव के साथ-साथ वाल्मीकि नगर लोकसभा सीट के लिए भी उपचुनाव हुआ था जहाँ जनता दल (यूनाईटेड) की जीत हुई.

ये सीट जेडी (यू) सांसद वैद्यनाथ महतो के निधन से खाली हुई थी. पार्टी ने उन्हीं के बेटे सुनील कुमार को अपना उम्मीदवार बनाया था.

उन्होंने अपने निकटतम कांग्रेस प्रत्याशी को लगभग साढ़े 22 हज़ार मतों से हराया.

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