बजट 2020-21 : ना खुशी ना ग़म

नई दिल्ली | डेस्क: केंद्र सरकार ने 2020-21 के बजट में एलआईजी की हिस्सेदारी बेचने की घोषणा की है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को अपना दूसरा बजट पेश करते हुये ये घोषणा की. इसके अलावा तेजस की तर्ज पर देश भर में 150 प्राइवेट ट्रेन चलाई जायेंगी.

वित्त मंत्री ने नये बजट में आयकर में दो विकल्प दिये हैं. इसमें 15 लाख रुपये तक की सालाना आमदनी वाले लोगों को कुछ शर्तों के साथ टैक्स में छूट. नए टैक्स स्लैब का लाभ उठाने के लिए कर दाताओं को कोई छूट नहीं मिलेगी. वित्त मंत्री ने ये दावा किया है कि अगर कोई व्यक्ति 15 लाख रुपये सालाना कमाता है और किसी कर छूट का दावा नहीं करता है तो पहले उसे 2.73 लाख रुपये टैक्स देना पड़ता था जबकि नई व्यवस्था में उस व्यक्ति को 1.95 लाख रुपये देने होंगे. अगर लोग कर छूट लेना चाहेंगे तो उन्हें पुरानी टैक्स दरों पर ही कर चुकाना होगा.


निर्मला सीतारमण ने कहा, “हम एक टैक्सपेयर चार्टर बनाएंगे, जिसे क़ानूनी कवच दिया जाएगा. हमारी सरकार करदाताओं को भरोसा दिलाना चाहती है कि हम उनका किसी भी तरह से उत्पीड़न नहीं होने देंगे.”

बैंकों में जमा पांच लाख रुपये तक की रकम अब बीमा से सुरक्षित की गई है. पहले बीमा की ये सुरक्षा केवल एक लाख रुपये तक की जमा राशि पर ही लागू होती थी. पीएमसी बैंक के दिवालिया होने जैसी घटनाओं की स्थिति में आम लोगों की जमा राशि अब पहले से ज़्यादा सुरक्षित है.

वित्त मंत्री ने कहा कि नर्सों, पैरामेडिकल स्टॉफ़ की देश में काफ़ी माँग है, उनका कौशल सुधारने के लिए एक ब्रिज कोर्स शुरू किया जाएगा, विदेशी भाषाओं को भी इसमें शामिल किया जाएगा.

बजट 2020-21 पेश करते हुये वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार भारतीय जीवन बीमा निगम यानी एलआईसी में अपनी हिस्सेदारी बेचेगी. इसके लिए एलआईसी का आईपीओ लाया जाएगा यानी एलआईसी की स्टॉक मार्केट में लिस्टिंग होगी.

वित्त मंत्री ने कहा कि ‘छोटे-मझौले उद्योगों के लिए क़र्ज़ लेना आसान होगा और सरकार IDBI बैंक में अपनी हिस्सेदारी बेचेगी’.

डिविडेंड डिस्ट्रिब्यूशन टैक्स ख़त्म कर दिया गया है. ये वो कर था जो पहले कंपनियां शेयर होल्डर्स को दिए जाने वाले लाभांश पर चुकाती थीं.

पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप या पीपीपी के ज़रिए रेलवे और अधिक प्राइवेट ट्रेन चलाएगी. पर्यटन केंद्रों को जोड़ने के लिए तेजस जैसी गाड़ियां और चलाई जाएंगी.

बजट 2020-21 में साल 2024 तक 100 नए हवाई अड्डों का निर्माण करने की घोषणा की गई. इसके अलावा जल्द ख़राब होने वाले कृषि उत्पादों को बाज़ारों तक पहुंचाने के लिए किसान रेल और किसान उड़ान जैसी योजनाएं शुरू की जाएंगी. विदेशी जूते, फर्नीचर और इलाज के काम आने वाली मशीनों पर कस्टम ड्यूटी बढ़ाई जाएगी.

आने वाले तीन सालों के भीतर प्रि-पेड बिजली मीटर लगाए जाएंगे. सरकार ग़ैर राजपत्रित कर्मचारियों की भर्ती के लिए एक नेशनल रिक्रूटमेंट एजेंसी का गठन करेगी. ये एजेंसी उम्मीदवारों की नियुक्ति के लिए ऑनलाइन टेस्ट लेगी.

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