’12 साल के नक्सली’ का दोबारा पोस्टमार्ट

जगदलपुर | समाचार डेस्क: बस्तर में ’12 साल के मूक-बधिर नक्सली’ के शव को निकालकर उसका दोबारा पोस्टमार्टम किया गया. 16 दिसंबर को फोर्स के जवानों द्वारा गोली मार देने के बाद मृत बालक का दोबारा पोस्टमार्टम करने का आदेश छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने 23 दिसंबर को दिया था. उसके बाद 26 दिसंबर को उसके शव को खोदकर निकाला गया तथा उसका दोबारा पोस्टमार्टम किया गया.

फोर्स की गोली से मृत कुम्मा पोटाम के पिता ने आरोप लगाया है उनके 12 साल के मूक-बधिर बच्चे को मार डाला गया है. उनका कहना है कि उनके बच्चें को पास से तीन गोलिया मारी गई हैं.


मृतक कुम्मा पोटाम के पिता सोमारू ने मीडिया को बताया कि उनका असक्त पुत्र 15-16 दिसंबर की रात अपने मित्रों भीमा, कारू और सुनील के साथ खेत गया हुआ था. लौटते वक्त वह घर के समीप ही एक पेड़ पर चापड़ा चटनी निकालने के लिये चढ़ा हुआ था.

उसी समय उधर जवान आ रहे थे. जवानों को देखकर उसके मित्र भीमा, कारू और सुनील भाग निकले परन्तु बधिर होने के कारण कुम्मा को कुछ सुनाई नहीं दिया तथा वह पेड़ पर ही चढ़ा रहा. फोर्स के जवानों ने वहां पहुंचकर कुम्मा पोटाम को नीचे उतारकर पेड़ से बांध दिया.

इसके बाद जवानों ने कुम्मा को तीन गोलिया मार दी. कुम्मा की मौत के बाद गांव की महिलायें वहां पर इकट्ठा होकर चीख-पुकार मचाने लगी. इसी के बीच जवानों ने कुम्मा पोटाम की हाफपैंट और बनियान उतारकर उसे नक्सलियों की वर्दी पहना दी. सोमारू ने बताया कि इस दौरान गांव के लोग इसे देखते रहें.

इसके बाद जवान कुम्मा के शव को लेकर गंगालूर थाने की ओर चले गये.

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