कालेधन के बजाये किसान परेशान

अंबिकापुर | संवाददाता: काले धन पर रोक लगाने के लिये शुरु किये गये नोटबंदी से किसान परेशान हो रहें हैं. को-ऑपरेटिव बैंक किसानों से बड़े पुराने नोट नहीं ले रहें हैं, धान बेचने के बाद किसानों को भुगतान नहीं हो रहा है. इसके बाद किसान बिचौलियों को धान बेचने पर मजबूर हो जायेंगे. छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में हुई गुरुवार की जिला पंचायत की सामान्य सभा में यही मुद्दा छाया रहा.

अंबिकापुर क्षेत्र के सदस्य राकेश गुप्ता ने जिला पंचायत की सामान्य सभा में मुद्दे को उटाते हुये कहा कि ज्यादातर किसानों का को-आपेरटिव बैंक में खाता है. किसान क्रेडिट कार्ड पर पुराने नोटों को जमा नहीं किया जा रहा है. धान बेचने के बाद उनके ऋण की राशि इसी से काट कर जमा कराई जायेगी. इससे किसान परेशान हैं. जिन किसानों ने धान बेचा है उनका भुगतान शुरू नहीं हो पाया है. ऐसे में किसान और धान नहीं बेचेंगे.


जिला पंचायत के सदस्यों ने किसानों से किसान क्रेडिट कार्ड पर 500 और 1000 के नोट जमा कराने तथा उन्हें धान की खरीदी के बाद उसका भुगतान करने की मांग की.

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