बस्तर: फर्जी मुठभेड़ पर अल्टीमेटम

बीजापुर | समाचार डेस्क: बस्तर के बासागुड़ा थाना के ग्राम तिम्मापुर में कांग्रेस नेता के बेटे को गोली मार दिये जाने पर ग्रामीणों ने 5 जनवरी का अल्टीमेटम दिया है. बुधवार को आवापल्ली में कांग्रेसियों ने जंगी प्रदर्शन करके प्रसासन को अल्टीमेटम दिया है कि यदि 5 जनवरी तक दोषी सीआरपीएफ जवानों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज न किया गया तो उग्र आंदोलन किया जायेगा. बुधवार को कांग्रेसियों ने जंगी प्रदर्शन करके कलेक्टर के नाम ज्ञापन भी सौंपा है.

आवापल्ली में बुधवार को कांग्रेसियों ने पुलिस-प्रशासन पर हत्याकांड को लेकर जमकर भड़ास निकाली. इस धरना प्रदर्शन में उसूर ब्लाक के हजारों ग्रामीण शामिल हुये. ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कोंटा के विधायक कवासी लखमा ने कहा कि 5 जनवरी तक हत्या का प्रकरण दर्ज नहीं हुआ तो 10 जनवरी को बीजापुर में उग्र प्रदर्शन होगा. साथ ही पीड़ित परिवार को 50 लाख का मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को शासकीय नौकरी, घायल ककेम सूकु को 25 लाख की आर्थिक सहायता तथा हत्याकांड में शामिल आरोपी जवानों पर 302 का प्रकरण दर्ज कर गिरफ्तार कर मामले की जांच सीबीआई से जांच करवाने की मांग की.


गौरतलब है कि रविवार 11 दिसंबर की रात को सीआरपीएफ जवानों की गोली से बासागुड़ा के तिम्मापुर गांव के पूनेम नंदू की मौत हो गई थी. मृतक युवक पूनेम नंदू उसूर ब्लाक के कांग्रेस अध्यक्ष सूकलु पूनेम का बेटा है. इसके अलावा सीआरपीएफ द्वारा घेरकर गोली चलाने से 28 वर्षीय कक्केम सुक्कू के पैर में गोली लगी है. सीआरपीएफ ने बासागुड़ा के फील्ड अस्पताल में ले जाकर उसका उपचार कराया था.

गांव वालों का आरोप है कि 20 वर्षीय पूनेम नंदू रात को अपने खेत में साथियों के साथ रखवाली के लिये बैठा हुआ था, उसी समय सीआरपीएफ जवानों ने घेरकर गोली चलाई है. पूनेम नंदू का खेत सीआरपीएफ के कैम्प से तीन सौ मीटर की दूरी पर है. जबकि पुलिस का कहना है कि क्रास फायरिंग से मौत हुई है. पुलिस के अनुसार सीआरपीएफ के जवान गश्त के लिये निकले थे, जहां उन पर फायरिंग की गई. जवाबी कार्रवाई के बाद हमें घटना स्थल पर एक नौजवान का शव मिला, जबकि एक व्यक्ति घायल अवस्था में मिला है.

नंदू के पिता सूकलु पुनेम का कहना था कि गांव के पास ही सीआरपीएफ का कैंप है और अधिकांश लोग मेरे परिवार को पहचानते हैं. मेरे बेटे का कैंप में भी आना-जाना था. वह पुलिस की मदद भी करता था. लेकिन पुलिस ने कैंप और घर से कुछ ही दूर मेरे बेटे को घेर कर मार डाला. उन्होंने आरोप लगाया कि सीआरपीएफ के जवान उनके बेटे से महिला माओवादियों के बारे में जानकारी एकत्र करने के लिये कहा था और ऐसा नहीं करने पर उसे निशाना बनाया गया.

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